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दुर्ग भिलाई में कमीशन के लालच में साइबर ठगों को दिए बैंक खाते:10 आरोपी गिरफ्तार, 123 खाताधारकों पर केस दर्ज, अब तक 17 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल

By Dinesh chourasiya

दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सिटी कोतवाली और छावनी थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग मामलों में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सिटी कोतवाली पुलिस ने 8 और छावनी पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा है। इन दोनों मामलों को मिलाकर अब तक 123 बैंक खाताधारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। वहीं छावनी थाना के मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।

दुर्ग कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को किया गिरफ्तार।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होती थी और बाद में उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन मिलता था। दुर्ग पुलिस को यह जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से मिली थी। इसके बाद संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि कई बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया है।

संदिग्ध खातों की जांच में 106 खाताधारकों पर हुई कार्रवाई सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विवेचना के दौरान 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मोदित कुमार जैन, करण टंडन, अवध किशोर, संकेत कुमार दास, रविंद्र कौशिक, शहबाज आलम, ए. सागर, प्रीति कौर, प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार शामिल हैं।

छावनी थाना पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।
छावनी थाना पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।

 

 

छावनी में पहले ही 15 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, 2 और पकड़ाए वहीं छावनी थाना में दर्ज मामले में पहले ही 15 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने दो और आरोपियों प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार को गिरफ्तार किया। इस तरह इस मामले में अब तक कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जिन लोगों ने साइबर ठगी करने वालों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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