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CG में 24 घंटे की बारिश के बाद खेत में धंसी जमीन बालोद में 20 फीट चौड़ा और 30 फीट गहरा गड्ढा बना, ग्रामीणों में दहशत

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लगातार 24 घंटे से हो रही बारिश के बाद गुरुर ब्लॉक के ग्राम भानपुरी में एक किसान के खेत की जमीन धंस गई। खेत में करीब 20 फीट चौड़ा और 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया है, जो लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी जानकारी सोमवार सुबह खेत पहुंचे किसानों को हुई।

घटना की सूचना ग्रामीणों ने गांव के सरपंच को दी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के मद्देनजर गड्ढे के आसपास लोगों के जाने पर रोक लगा दी। वहीं, किसान को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने पंचनामा तैयार किया है।

केसिंग पाइप भी धरती के अंदर समाया

ग्राम भानपुरी के सरपंच डाकेश साहू ने बताया कि यह खेत किसान खेलन साहू का है। सुबह जब वे मौके पर पहुंचे, तब गड्ढा करीब 10 फीट गहरा था, लेकिन शाम तक इसकी गहराई बढ़कर 30 फीट से अधिक हो गई और चौड़ाई करीब 20 फीट तक पहुंच गई।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ कृषि अधिकारी छन्नू लाल ठाकुर और पटवारी नवीन साहू ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

25 साल पुराना बंद बोर था, एक दिन पहले ही हुई थी मताई

सरपंच के अनुसार, किसान खेलन साहू ने घटना से एक दिन पहले ही खेत की मताई करवाई थी। सोमवार सुबह जब वह खेत पहुंचे तो वहां बड़ा गड्ढा देखकर हैरान रह गए। लगातार बारिश का पानी गड्ढे में भरता रहा, जिससे जमीन और धंसती गई। इसके बाद से गड्ढा लगातार चौड़ा होता गया।

उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर जमीन धंसी है, वहां करीब 25 साल पुराना बंद पड़ा बोरवेल था। जमीन धंसने के साथ ही उसका केसिंग पाइप भी पूरी तरह धरती के अंदर समा गया। इस घटना से आसपास के लोग भी चिंतित हैं।

20-30 फीट पर धंस रहे हैं बोर के केसिंग पाइप

सरपंच डाकेश साहू ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से गांव में बोरवेल खुदाई के दौरान 20 से 30 फीट की गहराई पर केसिंग पाइप धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों के बोरवेल का पाइप जमीन के अंदर समा चुका है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना रहता है।

उन्होंने प्रशासन से पूरे क्षेत्र की भू-वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है, ताकि जमीन धंसने के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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