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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी बरकरार:गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, 11 को उम्रकैद; 18 साल पहले 70 मिनट में 21 धमाके हुए थे

By Dinesh chourasiya

गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2022 में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

दोषियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। जस्टिस एवाई कोगजे और समीर दवे की बेंच ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़े लोगों की सजा को सही ठहराया।

कोर्ट ने सरकार को 56 मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया।

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट, सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम

  • 26 जुलाई 2008 को 70 मिनट में 21 धमाके- अहमदाबाद में महज 70 मिनट के भीतर 21 जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 200 लोग घायल हुए।
  • 35 मामलों को मिलाकर केस बनाया- धमाकों के बाद पुलिस ने अहमदाबाद की सभी ब्लास्ट साइट्स और सूरत में मिले बमों के मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। बाद में करीब 35 मामलों को मिलाकर एक बड़ा केस बनाया गया।
  • 2009 में ट्रायल की शुरुआत- सभी मामलों को एक साथ जोड़ने के बाद 2009 में इस केस का ट्रायल शुरू हुआ। जांच और अदालत की सुनवाई कई वर्षों तक चली और करीब 80 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला।
  • लॉकडाउन में भी सुनवाई- करीब 12 साल तक चली जांच और सुनवाई के दौरान कोरोना लॉकडाउन भी आया, लेकिन इस मामले की सुनवाई लगातार जारी रही।
  • कोर्ट में सबूत पेश- प्रॉसिक्यूशन ने जज ए.आर. पटेल की अदालत में 1,100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए। कोर्ट में 6,000 से अधिक दस्तावेज पेश किए गए। मामले में 5,47 चार्जशीट के कुल 3,47,800 पन्ने दाखिल किए गए, जबकि सिर्फ मुख्य चार्जशीट ही 9,800 पन्नों की थी।
  • इंडियन मुजाहिदीन और सिमी पर आरोप- जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि धमाकों के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े लोगों का हाथ था। पुलिस के अनुसार, इन धमाकों को 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के जवाब में अंजाम दिया गया था।
  • एक साथ 49 आरोपी दोषी करार- लंबी सुनवाई के बाद देश में पहली बार किसी आतंकवाद से जुड़े मामले में एक साथ 49 आरोपियों को दोषी ठहराया गया।

ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था

इंडियन मुजाहिदीन (IM) एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। इसे 2000 के दशक में बनाया गया था। इसके प्रमुख चेहरों में यासीन भटकल, रियाज भटकल, इकबाल भटकल और अब्दुस सुभान कुरैशी हैं।

प्रमुख हमले

  • 2007 – उत्तर प्रदेश कोर्ट ब्लास्ट
  • 2008 – जयपुर सीरियल ब्लास्ट
  • 2008 – बेंगलुरु ब्लास्ट
  • 2008 – अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट
  • 2008 – दिल्ली सीरियल ब्लास्ट
  • 2010 – पुणे जर्मन बेकरी ब्लास्ट

 

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