
लोहे के केज व्हील वाले ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर रोक, उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
जिला परिवहन विभाग ने किसानों और ट्रैक्टर चालकों से की अपील, सार्वजनिक सड़कों पर संचालन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत होगी चालानी कार्रवाई








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 01 जुलाई 2026
जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा किसानों, ट्रैक्टर स्वामियों और चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत लोहे के केज/रिंग लगे ट्रैक्टरों का सार्वजनिक सड़कों पर संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में खरीफ सीजन के कृषि कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, जिसके तहत खेतों में जुताई और मताई का कार्य ट्रैक्टर व उसमें लगे अन्य उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे ट्रैक्टर जिनके पहियों में लोहे के केज, रिंग (पिंजरे वाली जाली) लगे होते हैं, जिन्हें सामान्यतः केज व्हील या लोहे का टायर कहा जाता है, उनका उपयोग मुख्य रूप से धान के खेतों (कीचड़ वाले गीले इलाकों) में ट्रैक्टर को धंसने से बचाने और अच्छी ग्रिप देने के लिए किया जाता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि खेतों में कृषि कार्य हेतु उपयोग किए जाने वाले ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन सार्वजनिक सड़कों पर न करें। सभी किसानों, वाहन स्वामियों और चालकों को सूचित किया गया है कि लोहे के केज, रिंग लगे ट्रैक्टरों का खेतों के अतिरिक्त सार्वजनिक सड़कों पर संचालन करने से डामर और सीमेंट की सड़कें बुरी तरह खराब होती हैं। साथ ही, इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ जाती है, जो कि नियमों के सर्वथा विरुद्ध है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि यदि सार्वजनिक सड़कों, सीमेंट, डामर सड़कों अथवा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर केज व्हील या लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टरों का संचालन पाया गया, तो वाहन स्वामियों और चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा सख्त चालानी व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।







