CG में दो मासूम बच्चियों से रेप..जांच में लापरवाही पर टीआई ASI लाइन-अटैच बदले गए दो थाना प्रभारी, सबूत जुटाने में चूक पर एसएसपी ने लिया एक्शन
By Dinesh chourasiya

बिलासपुर में दो मासूम बच्चियों से रेप केस की जांच में लापरवाही बतरने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और विवेचना अधिकारी संतोषी अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि, पचपेड़ी थाने का प्रभार निरीक्षक कमला पुसाम को दिया गया है।







दरअसल, सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में 17 साल के एक नाबालिग ने चॉकलेट देने के बहाने 7 साल की दो बच्चियों से रेप किया। आरोपी ने उनके साथ मारपीट भी की। जब परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह भाग निकला। इस मामले में पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग से शिकायत की थी।

घटनास्थल तक नहीं पहुंचे थाना प्रभारी




शुरुआती जांच में पाया गया कि थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस ने घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।
वहीं, बीएनएसएस की धारा 176(3) के तहत सात वर्ष या उससे अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य रूप से बुलाए जाने वाली ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर चूक माना गया है।
सीएसपी को बनाया जांच अधिकारी
एसएसपी रजनेश सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। महिला और बच्चियों के केस में लापरवाही बरतने पर उन्होंने टीआई अभय सिंह बैस को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह को मामले की प्राथमिक जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

एसआई ने बरती घोर लापरवाही
इस मामले की विवेचना कर रही उप निरीक्षक संतोषी अग्रवाल पर भी जांच में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। पुलिस विभाग ने दोनों अधिकारियों के कार्यों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया है।
एसएसपी ने इस पूरे मामले की प्राथमिक जांच नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह को सौंपी है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सके।
वायपी सिंह को सिरगिट्टी और कमला को पचपेड़ी थाना की कमान
इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थायी पदस्थापना आदेश भी जारी किए गए हैं। जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक वायपी सिंह को सिरगिट्टी थाने भेजा गया है। वहीं, रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक कमला पुसाम को थाना पचपेड़ी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही पचपेड़ी में पदस्थ उप निरीक्षक राज सिंह का स्थानांतरण थाना सिरगिट्टी किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि गंभीर मामलों में जांच संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जानिए क्या है पूरा मामला
रेप पीड़ित बच्चियों की मां ने इस मामले की शिकायत एसएसपी और आईजी से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिकायत के बावजूद पुलिस आरोपी लड़के को पकड़ने के बजाय उसकी मां से बातचीत करने में लगी रही।
लड़के की मां ने पुलिस को 10-20 हजार रुपए देने की पेशकश भी की थी। जब परिजनों ने गिरफ्तारी में देरी पर आपत्ति जताई, तब कहीं जाकर पुलिस लड़के को थाने लेकर आई।
एक एएसआई को किया था लाइन अटैच
पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही बरतने, सबूत नहीं जुटाने, एफआईआर दर्ज करने में देरी करने, आरोपी लड़के को वीआईपी सुविधा देने और समझौते के लिए मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह से मिलकर शिकायत की, जिसके बाद ASI शीतला प्रसाद त्रिपाठी को बिलासपुर लाइन अटैच किया गया है।




