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छत्तीसगढ़ रोजगार मेला से बेरोजगार वापस लौटे यूथ:बोले-कंपनियों ने रिज्यूम रखा नौकरी नहीं मिली, 18 हजार सैलरी वाले को 14 हजार का ऑफर मिला

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ रोजगार मेला रायपुर स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 3 दिनों तक आयोजित किया गया। सरकार का दावा था कि इस मेले से 15 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन केवल 1,816 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी।

रोजगार मेले में पहुंचे कई युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने केवल उनका रिज्यूम लिया और यह कहकर टाल दिया कि एक हफ्ते बाद जानकारी दी जाएगी। यह सुनकर बड़ी संख्या में युवा नाराज हो गए और बिना संतोषजनक जवाब के वापस लौट गए।

युवाओं का कहना है कि उनके रिज्यूम ऑलरेडी रोजगार पंजीयन कार्यालय में उपलब्ध है। फिर यहां बुलाने की क्या आवश्यकता थी। उन्हें उम्मीद थी कि यहां जॉब लेटर मिलेगा। बहुत सारे युवाओं ने कंपनियों के कम सैलरी ऑफर करने पर नाराजगी जताई है। 

कंपनी बोली- आगे का प्रोसेस कॉल पर बताएंगे

बलौदाबाजार से आए शिवनाथ साहू ने बताया कि उसने टेक्नीशियन और सुपरवाइजर पोस्ट के लिए अप्लाई किया था। लेकिन कंपनी ने उनका रिज्यूम रखकर बाद में आगे की प्रक्रिया बताएंगे कह दिया।

देवनारायण वर्मा ने कहा कि उन्होंने सोलर फिटर असिस्टेंट के लिए अप्लाई किया था। फिलहाल, कंपनी ने उनसे पढ़ाई लिखाई के संबंध में जानकारी लेकर बाद में इन्फॉर्म करेंगे कहा।

ज्यादातर समय रोजगार मेला में इसी तरह कुर्सियां खाली दिखाई दी।

रिज्यूम इकट्ठा करने के लिए बुलाया गया

रायपुर निवासी उमाशंकर साहू ने बताया कि यहां ज्यादातर सेक्टर की कंपनी में केवल रिज्यूम लिया जा रहा है, नौकरी नहीं दी गई। केवल कुछ सेक्टर की कंपनी ने जॉब लेटर दिया। उमाशंकर ब्रांच मैनेजर और बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट के लिए पहुंचे थे।

बेरोजगार ही वापस लौट रहे

जांजगीर-चांपा से पहुंचे दिवाकर ने बताया कि रोजगार मेले से वह बेरोजगार ही वापस लौट रहे हैं। कंपनी ने उनका रिज्यूम में रखकर ईमेल में इंटरव्यू की सूचना भेजने की बात कही है। मुजगहन के रहने वाले दुर्गेश ने बताया कि उन्होंने रिकवरी एजेंट की जॉब के लिए अप्लाई किया था। फिलहाल उनके जॉब कंफर्म नहीं हो पाई है।

राज्य स्तरीय रोजगार मेला गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से बाहर रायपुर में लगा था।

युवतियां बोली- इतना दूर सफर करना पड़ा

पाटन की रहने वाली प्रतिभा ने कहा कि उनके पास अनुभव होने के बावजूद अपेक्षा से कम सैलरी की पेशकश की गई।

नौकरी कन्फर्म हुई लेकिन पेमेंट बहुत कम

योगेश मानिकपुरी ने बताया कि वह सोलर प्लेट मैन्युफैक्चरर कंपनी में काम करने के लिए आए थे। उन्हें नौकरी के लिए हरियाणा या ओडिशा जाना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट कम है। कंपनी में जब कंफर्म किया है। लेकिन सैलरी बाहर के खर्चों के हिसाब से कम है। उनका कहना है कि वह परिवार से चर्चा करेंगे कि ज्वाइन करना है या नहीं।

रिसाली के निवासी कैलाश यादव ने कहा कि वह डाटा एंट्री ऑपरेटर और टेलीकॉलर की नौकरी के लिए आए थे। उन्हें नौकरी तो मिल गई लेकिन पेमेंट बहुत कम है। वहीं, जांजगीर के रहने वाले होम राज चौहान ने कहा कि उन्हें विशाखापट्टनम में नौकरी मिली है, पेमेंट कम है लेकिन फ्रेशर के हिसाब से वह नौकरी ज्वाइन कर लेंगे।

18 हजार पेमेंट वाले को 14000 का दिया ऑफर

बालोद के रहने वाले बलदाऊ साहू ने कहा कि वह होटल में मैनेजर की पोस्ट के लिए पहुंचे थे। वर्तमान में वह बिलासपुर के एक होटल में 18,000 रुपए सैलरी में काम कर रहे हैं। उन्हें 8 से 10 साल का अनुभव है।

दो बच्चों समेत पत्नी का खर्चा चला रहे एक व्यक्ति भी रोजगार मेले में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि 12,000 की नौकरी मिली है। लेकिन या घर का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ये परिवार बेमेतरा का रहने वाला हैं।

64 हजार लोगों ने कराया था पंजीयन, केवल 7000 पहुंचे

बताया जा रहा है कि इस राज्य स्तरीय रोजगार मेले में करीब 64,000 युवाओं ने पंजीयन करवाया था। लेकिन उनमें से 7009 युवा बस इंटरव्यू दिलाने पहुंचे। जिनमें पहले दिन 2090 दूसरे दिन 2004 और तीसरे दिन 2915 लोग आए थे।

मतलब 56,000 से ज्यादा युवाओ ने इस रोजगार मेले में आने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई। कुछ युवाओं का कहना था कि कंपनियों ने नौकरी के पहले कुछ महीने ट्रेनिंग और दूसरे राज्यों में पोस्टिंग की बात प्लेसमेंट कैंप में आकर पता चली।

रोजगार मेले के आयोजन को लेकर रोजगार विभाग के उपसंचालक ए. ओं. लॉरी ने कहा कि यहां कई युवाओं को जॉब लेटर मिले हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में युवाओं का प्राथमिक स्तर पर चयन हुआ है, जिनसे कंपनियां आगे संपर्क करेंगी।

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