
कर्जमाफी के फेर में किसानों ने लिया जमकर कर्ज, अब 15 मार्च तक पटाने का नोटिस
By Dinesh chourasiya







छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्ज माफी का वादा भूपेश सरकार के हारने के साथ ही अधूरा रह गया। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी सत्ता बरकरार नहीं कर पाई और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता की वापसी हो गई। कांग्रेस सत्ता में आएगी तो कर्ज माफ होगा यह सोचकर किसानों ने बढ़-चढ़कर कर्ज लिया था, लेकिन अब इन किसानों को मार्च तक कर्ज की राशि का पूरा भुगतान करना होग। साल 2018 में जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने कर्ज माफी का वादा कर सरकार में आई थी उसी तरह से छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से राज्य के किसानों को लग रहा था कि कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में बरकरार रहेगी यही वजह थी कि किसानों ने इस साल पिछले चुनाव के अनुरूप ज्यादा कर्ज लिया था।
1 लाख से ज्यादा किसानों ने लिया कर्ज
: बस्तर संभाग की बात की जाए तो लगभग 1 लाख 55 हजार किसानों ने कर्ज लिया था। कर्ज का रकम 7 अरब 76 करोड़ रुपए है। हालांकि यह सभी ऋण ब्याज मुक्त है और 15 मार्च तक यह कर्ज पटाने की अवधि किसानों को दी गई है। अगर समय पर किसान अपना पूरा पटा देता है तो आने वाले समय में इन किसानों को बिना ब्याज पर कर्ज दी जाएगी। पिछले वर्ष की बात की जाए तो 11 हजार किसान ऐसे हैं जो तकरीबन 90 करोड़ कर्ज नहीं पटाए हैं जिन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया जिला सहकारी बैंक के द्वारा की जा रही है।











