
CG NEWS मरवाही वनपरिक्षेत्र के सेवानिवृत्त बाबू राजकुमार शर्मा द्वारा अंकसूची में कूट रचना करके 5 साल अधिक नौकरी करने का के मामले में विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना लगाई अकलतरा विधायक सौरभ सिंह ने
By Dinesh chourasiya
सेवा में रहते हुए एक पुत्र को आदिवासी बनाकर वन भूमि का पट्टा प्राप्त करने एवं दूसरे पुत्र को कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नियुक्ति देकर 2 साल तक फर्जी बिल बनाकर राशि आहरण करने का मामला







मरवाही वन मंडल के वन क्षेत्र मरवाही के सेवानिवृत्त बाबू राजकुमार शर्मा द्वारा अपनी अंकसूची में कूट रचना कर 5 साल तक अतिरिक्त नौकरी करने सहित सेवा में रहते हुए दो दो पुत्रों को अवैध ढंग से लाभ पहुंचाने का मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंच चुका है।
पूरा मामला मीडिया में आने के बाद अकलतरा के विधायक सौरभ सिंह ने ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्ताव के जरिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में मरवाही वन मंडल में वन विभाग के इस मामले को पहुंचाया है।
अकलतरा विधायक सौरभ सिंह ने बीते 18 जुलाई से 21 जुलाई तक चले छत्तीसगढ़ विधानसभा के अनुपूरक बजट सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए सदन में जानकारी दी है कि वन विभाग के मरवाही वन मण्डल अंतर्गत मरवाही परिक्षेत्र में पदस्थ रहे सेवा निवृत्त परिक्षेत्र लिपिक श्री राजकुमार शर्मा द्वारा सेवा पुस्तिका में जन्मतिथि वर्ष 1951 को कूटकरण द्वारा परिवर्तित कर निलीभगत से वर्ष 1954 लिखकर पांच वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अनुचित लाभ मिला गया है। जबकि इसे वर्ष 2011 में सेवा निवृत्त हो जाना था. पर इसने शासन द्वारा बढ़ी आयु 62 का लाभ लेने के साथ कुल 5 वर्षो का अनुचित लाभ लेकर अपराधिक कृत्य किया, किन्तु शिकायत पर विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। इस कृत्य के द्वारा वह शासन से आर्थिक लाभ लेता रहा। शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी व्यक्ति द्वारा मरवाही स्थित वन परिक्षेत्र परिसर के पीछे छोटे-बड़े झाड़ जंगल सद की जमीन में अपने बेटे संजय शर्मा की जाति बदलकर अनुसूचित जात लिखवाते हुए फर्जी पट्टा बनाकर अवैध आवासीय निर्माण किया गया है। जिसका विरोध पंचायत कुम्हारी द्वारा बेदखली का प्रस्ताव पारित किया गया एवं उपसधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही हेतु कलेक्टर जिला गौरेला, पेड़ा मरवाही को वर्ष 2020 में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है, किन्तु आज पर्यन्त तक कोई कार्यवाही नही की गयी है। इसी लिपिक द्वारा मरवाही बन परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ रहते हुए अपने दूसरे पत्र बसत शर्मा के नाम से लगातार वर्ष 2010 से 2012 तक कम्प्युटर आपरेटर का बिल बनाकर राशि आहरण किया गया जबकि इस बीच में उसका पुत्र वर्ष 01/10/2008 से 16/11/2012 तक कम्प्युअर आगरेटर के पद पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नरवाही पंजीयन कमॉक 3073, में कार्य करता रहा। इस प्रकार बन विभाग में भी उसका फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर तत्कालीन लिपिक राजकुमार शर्मा द्वारा शासकीय राशि गवन कर आर्थिक एवं अपराधिक कृत्य पर आज तक विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही किया गया हैं। उक्त अत्यंत गंभीर फर्जीवाडा की कृत्य एक ही व्यक्ति द्वारा किये जाने पर वन विभाग एवं जिला कलेक्टर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया। जाने से आम जनता में भारी रोष और आकोश व्याप्त है।











