छत्तीसगढ़

भिलाई :नहीं पहुंच पाए विधायक देवेंद्र यादव अवास तक भाजपाई, पुलिस ने 100 मीटर आगे ही रोका

By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर विधायक आवास घेरने पहुंचे भाजपाई - Dainik Bhaskar
भिलाई नगर विधायक आवास घेरने पहुंचे भाजपाई

भारतीय जनता पार्टी की आक्रोश रैली एक फिर आपसी फूट की भेंट चढ़ गई। भाजपा के भिलाई जिलाध्यक्ष ब्रिजेश बिचपुरिया ने 18 जुलाई को विशाल आक्रोश रैली निकालकर भिलाई नगर विधायक के आवास का घेराव करने का आह्वान किया था। इस रैली का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री लता उसेंडी करने वाली थी। उसेंडी तो दूर इस रैली में दुर्ग जिले से भाजपा का एक भी बड़ा नेता नहीं शामिल हुआ। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश कम हो गया और वो लोग विधायक आवास का घेराव नहीं कर पाए। पुलिस ने उन्हें विधायक आवास से पहले ही रोक दिया।

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर भाजपा नेता दुर्ग जिले के सभी विधायकों का आवास घेरने जा रहे हैं। वैशाली नगर बिजली ऑफिस का घेराव करने के बाद 18 जुलाई को वो लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर एक आक्रोश रैली निकालने वाले थे। इसके बाद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के आवास का घेराव करते। जिलाध्यक्ष ब्रिजेश बिचपुरिया ने इसको लेकर बैठक भी बुलाई थी। उन्होंने दावा किया था कि ये घेराव ऐतिहासिक होगा। उनके दावे को देखते हुए दुर्ग एसपी ने विधायक आवास को छावनी में बदल दिया। नतीजा ये निकला की जितने भाजपा घेराव करने नहीं पहुंचे उससे अधिक तो पुलिस बल वहां मौजूद रहा। पुलिस वालों ने तय रणनीति के मुताबिक तीन स्टेज पर बेरीकेट्स लगाए थे। इसमें दो कमजोर थे, जिसे भाजपाइयों ने तोड़ दिया, लेकिन जैसे वो तीसरे की ओर बढ़े पुलिस ने उन्हें जमीन पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष ब्रिजेश बिचपुरिया ने वहीं पुर पुलिस अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और चले गए।

कमजोर बेरीकेट्स को तोड़कर आगे जाते भाजपा कार्यकर्ता
कमजोर बेरीकेट्स को तोड़कर आगे जाते भाजपा कार्यकर्ता

कांग्रेसी नेता घेराव को लेकर ले रहे टकारे
भिलाई नगर विधायक आवास के घाराव को कांग्रेसी टकारे लेकर लोगों को बता रहे हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि उन्होंने सोचा था कि हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता घेराव करने आएंगे। उनके स्वागत के लिए उन्होंने पानी और चाय की व्यवस्था भी की थी, लेकिन वो सैकड़ों में ही सिमट गए। दुर्ग जिले में भाजपा के दो दिग्गज सांसद, पूर्व मंत्री से लेकर कई बड़े नेता है। उनमें एक का भी इस रैली में शामिल न होना यह साफ दर्शाता है कि भाजपा में अंदरूनी फूट काफी अधिक है। यही फूट कांग्रेस को फिर से जीत दिलाएगी।

भाजपाइयों को आगे जाने से रोकती दुर्ग पुलिस
भाजपाइयों को आगे जाने से रोकती दुर्ग पुलिस

कई भाजुयमो नेताओं ने पुलिस अधिकारियों पहले ही कर दिया था फोन
भाजपा के इस घेराव को विफल करने के लिए बड़े नेता से लेकर भाजयुमो नेता तक लगे रहे। घेराव स्थल पर कुछ पुलिस अधिकारियों ने तो यहां तक दावा किया दो तीन सौ की भीड़ आएगी उससे अधिक भीड़ नहीं जुटने वाली। उन्होंने यहां तक कहा कि कई भाजयुमो नेताओं ने यहां तक कहा कि वो इस घेराव में नहीं है। भीड़ नहीं जुट रही है, इसलिए चिंता कोई बात नहीं है।
दुर्ग निगम का घेराव कल
19 जुलाई को फिर से भाजपा की अग्नि परीक्षा है। भाजपा बुधवार को दुर्ग नगर निगम का घेराव करने वाली है। देखना है कि यहां बड़े नेताओं के चेहरे दिखते हैं, या फिर भाजपा को फिर से बाहर गेट से ही लौटना पड़ेगा। आपको बता दें लगभग एक साल पहले राज्य सभा सांसद सरोज पाण्डेय ने दुर्ग निगम का घेराव किया था। उन्होंने जैसे ही हुंकार भरी भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की सारी सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया था। सरोज का रथ सीधे निगम परिसर में घुस गया था। इस बार भाजपा ऐसा कर पाएगी इस पर सवाल खड़ा हो रहा है।

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