छत्तीसगढ़

CM साय ने एसपी कलेक्टर की ली बैठक कहा निर्माण में गड़बड़ी तो ठेकेदार को भेजें जेल:कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में कहा-स्कूलों की गुणवत्ता से समझौता नहीं; सुकमा-बलरामपुर कलेक्टर पर जताई नाराजगी

By Dinesh chourasiya

सीएम विष्णुदेव साय ने गुरुवार को कलेक्टर्स-SP कॉन्फ्रेंस ली। सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक चली ‘क्लास’ में मुख्यमंत्री ने हर विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कड़े तेवर भी दिखाए। उन्होंने कहा कि, छोटे-छोटे काम को लेकर जनता को सीएम हाउस आना पड़ रहा है, ये बर्दाश्त नहीं होगा।

आपको बताते हैं अलग-अलग विभाग की समीक्षा बैठक की मुख्य बातें

  • सुशासन एवं अभिसरण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग

इस विभाग की समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि, मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, हमें भूमिहीन परिवारों की पीड़ा समझनी होगी। सीएम ने निर्देश दिए कि, भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र मिलने में परेशानी ना हो। मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों को 15 दिनों के अंदर स्वेच्छानुदान की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि, जन्म, जाति, निवास, आय और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज सुगमता के साथ बने।

रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में CM साय जिलों के कलेक्टर की कॉन्फ्रेंस ली।

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा

  • इस विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, शिक्षित युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है।
  • युवा उच्च शिक्षा से वंचित न हो, इसके लिए कलेक्टर्स और अधिकारी प्रभावी कार्य योजना तैयार करें।
  • युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए काम करें।

समाज कल्याण विभाग

  • इस विभाग को लेकर सीएम ने कहा कि, समाज के सर्वाधिक वंचित तबके के जीवनयापन का आधार पेंशन है। पेंशन वितरण को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय पर जरूरतमंदों को पेंशन मिलनी चाहिए।
  • दिव्यांगों के लिए विशेष विद्यालय और अस्पताल के लिए अगले 6 महीनों में कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
  • इस दौरान सीएम ने कहा कि,नशा मुक्ति आज राष्ट्रीय समस्या हो गई है, प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना होनी चाहिए। नशा मुक्ति संकल्प के साथ विशेष अभियान चलाएं जाएं।
  • इसके अलावा दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधा और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा देने के भी निर्देश दिए।
  • प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना के खैरागढ़, सारंगढ़, सक्ती, रायगढ़ जिलों की 0 प्रोग्रेस पर नाराजगी जताई।

राजस्व विभाग की समीक्षा

  • मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान साफ तौर पर कहा कि इस विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है।
  • राजस्व के प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छवि बेहतर होती है।
  • CM ने कहा- लोगों को छोटे-छोटे कामों को लेकर सीएम हाऊस तक आना पड़ रहा है। जनता भटक रही है, ये बर्दाश्त नहीं।
  • मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़, बस्तर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में राजस्व मामलों के निराकरण की धीमी गति पर नाराजगी जताई।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे जिले जिनकी प्रगति 70 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
  • विवादित बंटवारे के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निपटाना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

  • सीएम ने गरियाबंद के सूपेबेड़ा में किडनी रोगियों पर चिंता जताई।
  • उन्होंने कहा कि, किडनी के मरीजों की संख्या घटाने के लिए तेजी से कार्य करें। जरूरत पड़े तो दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाएं।
  • 6 महीने में 100 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड पंजीयन करने के भी सीएम ने निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग

  • सीएम ने कहा कि, महतारी वंदन योजना में पात्र महिलाएं वंचित नहीं होनी चाहिए।
  • पीएम मातृ वन्दन योजना में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
  • सीएम ने कहा, हम सभी को छत्तीसगढ़ से कुपोषण को जड़ से समाप्त करना है।

आदिम जाति विकास विभाग

  • हितग्राहियों को पीएम जन मन योजना का शत प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
  • सीएम ने कहा कि, वन अधिकार पट्टा के काम में कबीरधाम जिले में सुधार की जरूरत है।
  • जिस जिले में डिजिटलाइजेशन का काम 80 प्रतिशत से कम है वहां तेजी से करने के निर्देश दिए।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि, आश्रम एवं छात्रावास की व्यवस्था दुरुस्त रहे, कलेक्टर स्वयं निरीक्षण करें। छात्रावासों में भोजन मेन्यू के आधार पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

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