छत्तीसगढ़

CG BREAKING : फिर खुली इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले की फाइल, CM बघेल ने ट्वीट कर दी जानकारी, कई बड़े नाम आये सामने 

By Dinesh chourasiya

रायपुर : CG  : कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले की  फिर से जांच करने की अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके दी है। विधानसभा चुनाव से पहले लगभग 17 साल पुराने इस मामले की फाइल खुलने की खबर से ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। इंदिरा बैक घोटाले का नाम जब सामने आया था तब मैनेजर के नार्को टेस्ट में घोटाले से जुड़े सफेदपोशों के नाम सामने आए थे, जो पिछली सरकार में बेहद प्रभावशाली थे। इसलिए चुनाव से पहले इसकी जांच की अनुमति मिलने से ही हलचलें तेज हो गई है।

नार्को टेस्ट में प्रमुख अभियुक्तों में से एक उमेश सिन्हा ने बताया‌ था कि उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री  रमन सिंह और उनके मंत्रियों अमर अग्रवाल, बृजमोहन अग्रवाल और रामविचार नेताम सहित कई भाजपा नेताओं को करोड़ों रुपए दिए थे। बैंक संचालकों सहित कई अन्य लोगों को भी पैसे दिए गए। भ्रष्टाचार उजागर होना चाहिए। दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए।

सीएम ने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें बैंक मैनेजर के नार्को टेस्ट की वीडियोग्राफी का अंश है

 

 

ये था पूरा मामला

इंदिरा प्रियदर्शीनी बैंक साल 2006 में आर्थिक अनियमितता पाए जाने पर बंद हुआ था। जानकारी के मुताबिक इंदिरा बैंक में 54 करोड़ का घोटाला सामने आया था जिसके बाद सभी खातेदारों में हड़कंप मच गया था। बैंक में करीब 22 हजार खातेदार थे। घोटाला उजागर होने के बाद बैंक ने अपने आप को डिफाल्टर घोषित कर दिया था और इंश्योरेंस कंपनियों की मदद से खातेदारों को राशि भी लौटाई थी। लेकिन यह राशि काफी कम थी। इस मामले में बैंक के तत्कालीन मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट भी किया गया था। उन्होंने बताया कि अभी भी बैंक के बहुत से खातेदार ऐसे हैं, जिनके पैसे पूरी तरह से डूब गए।

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