Uncategorized

धमधा- में धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख की गड़बड़ी:560 क्विंटल धान और 2103 बारदाने गायब, समिति प्रभारी पर FIR

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये की आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया है। आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान और वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर पाया गया।

जांच में 560.28 क्विंटल धान और 2103 नए बारदाने कम मिले, जिसकी कुल कीमत 15 लाख 8 हजार 161 रुपये आंकी गई है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

गायब धान की कीमत 13 लाख 27 हजार 303 रुपये, बारदानों की कीमत 1 लाख 80 हजार 858 रुपये आंकी गई।

संयुक्त जांच टीम के निरीक्षण में हुआ खुलासा

29 मई को खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त टीम ने धान उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया।

जांच समिति में शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे।

रिकॉर्ड में धान, गोदाम में नहीं मिला स्टॉक

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा 73,952.80 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार 65,657.62 क्विंटल धान मिलरों द्वारा उठाया जा चुका था, जबकि 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया था।

दस्तावेजों के अनुसार उपार्जन केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मिला। इस तरह 560.28 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर पूरी स्थिति दर्ज की।

2103 नए बारदाने भी मिले कम

भौतिक सत्यापन के दौरान नए बारदानों की जांच में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई। अधिकारियों ने पाया कि 2103 नए बारदाने रिकॉर्ड के मुकाबले कम हैं।

जांच के अनुसार गायब धान की कीमत 13 लाख 27 हजार 303 रुपये और बारदानों की कीमत 1 लाख 80 हजार 858 रुपये है। कुल मिलाकर 15 लाख 8 हजार 161 रुपये की आर्थिक अनियमितता उजागर हुई।

समिति प्रभारी को माना जिम्मेदार

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में सेवा सहकारी समिति रौंदा एवं उपार्जन केंद्र रौंदा के प्रभारी जगदीश कुमार नवरंगे को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि धान और बारदानों की कमी उनके प्रभार काल में सामने आई तथा रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर पाया गया।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर शाखा प्रबंधक घोंठा ने धमधा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपी जगदीश कुमार नवरंगे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और धान उठाव, स्टॉक रजिस्टर तथा संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button