
भिलाई के भू माफिया को भाजपा के पूर्व मंत्री का संरक्षण प्राप्त, वैशाली नगर भू माफिया के विरुद्ध जोन कमिश्नर ऐशा लहरे की बड़ी कार्यवाही…!
By Dinesh chourasiya
इसी कड़ी में एक बार फिर जोन 2 की कमिश्नर ने अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध बड़ी। कार्यवाही की है। जोन कमिश्नर येशा लहरे ने 31 मई को नौतपे की भरी दुपहरी में अपनी टीम के साथ कुरुद नकटा तालाब के पीछे हो रही अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही का साहस दिखाया ! इसके लिए उन्होंने पहले तो जेसीबी से प्लाटिंग की रोड को खुदवाया।







इसके बाद वहां अवैध रूप से तैयार हो रहे मकानों का बिल्डिंग मटेरियल जब्त करने की कार्रवाई की । इस कार्य वाही से भू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। इस इलाके के पुराने जमीन माफिया इन दिनों राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर जेल जाने से बचे हुए हैं ! कुरूद इलाके में कौशल बिल्डकॉन के प्रकाश महोबिया के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित है लेकिन वह इन दिनों भाजपा के एक पूर्व मंत्री के संरक्षण में बचे हुए हैं !
भू माफियाओं के विरुद्ध कार्य वाही करने पहुंची जोन कमिश्न येशा लहरे ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई निगम आयुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर की गई है। उनके पास नकटा तालाब के पास बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की शिकायत मिल रही थी। आयुक्त के निर्देश पर वो अपनी टीम के साथ यहां पहुंची। उन्होंने पाया कि वैशाली नगर जोन क्रमांक 2 एरिया में नकटा तालाब के पास नाला से लगे हुए खेतों को पाटकर वहां करीब 10 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। उनकी टीम ने अवैध प्लाटिंग वाले स्थल पर पहुंचकर जेसीबी एवं डंपर की मदद से 1 ट्रिप गिट्टी एवं रेत को जप्त किया। साथ ही अवैध प्लाटिंग के लिए जो रास्ता तैयार किया गया था उस मार्ग संरचना को भी जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदा गया है। जिससे वहां कोई भी वाहन न जा सके। अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही के दौरान वैशाली नगर की जोन आयुक्त येशा लहरे, कार्यपालन अभियंता अमरेश कुमार लोहिया, सहायक राजस्व अधिकारी जेपी तिवारी, स्वच्छता विभाग के कर्मचारी अंजनी सिंह सहित राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
पहले भी हो चुकी है एफआईआर की कार्रवाई
जोन आयुक्त का कहना है कि यहां किसके द्वारा अवैध प्लॉटिंग की जा रही है, उसकी जानकारी राजस्व विभाग से ली जा रही है। नाम आ जाने के बाद जिस जमीन पर प्लॉटिंग हो रही है उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होने बताया कि इससे पहले भी इसी प्लॉटिंग से लगी दूसरी प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई थी। निगम ने अवैध प्लाटिंग कर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की थी। लेकिन मुद्रा के आगे कानून का बेचारा पन यहां भी देखने को मिला क्योंकि नियमानुसार लैंड माफिया गिरफ्तार नहीं किए गए बल्कि जांच के नाम पर खानापूर्ति वाला दिमाग काम कर गया !











