Uncategorized

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन बने रहेंगे अरुण साव बोले-3 महीने कार्यकाल बढ़ाया गया

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन अभी रिटायर नहीं होंगे, बल्कि वह अपने पद पर बने रहेंगे। साय सरकार ने अमिताभ जैन को एक्सटेंशन दिया है। वह आगामी आदेश तक चीफ सेक्रेटरी के पद पर बने रहेंगे।

डिप्टी CM अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार ने फिलहाल अमिताभ जैन को बतौर मुख्य सचिव सेवाओं को आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। 3 महीने के लिए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। उनके अनुभवों का लाभ निश्चित रूप से शासन के कामकाज में मिलेगा।

अमिताभ जैन अगर आज रिटायर होते तो सुब्रत साहू या मनोज पिंगुआ को छत्तीसगढ़ का 13वां मुख्य सचिव बनाया जा सकता था। हालांकि रेस में सबसे आगे सुब्रत साहू थे। वहीं मनोज पिंगुआ के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी।

इसके साथ ही नए मंत्रियों को भी कैबिनेट में शामिल करने पर विचार चल रहा है। रविवार शाम को CM साय ने राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात की थी। हालांकि सीएम सचिवालय ने दोनों की तस्वीरें जारी कर जानकारी दी थी कि राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है।

​​​सुब्रत साहू का नाम CS रेस में सबसे आगे था

मुख्य सचिव बनाए जाने में बड़ा नाम सुब्रत साहू का सामने आ रहा था। सुब्रत साहू छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के आईएएस हैं। एक सर्वे ने सुब्रत साहू को देश के 50 प्रभावशाली आईएएस में शामिल किया था। मुख्य सचिव बनाए जाने में दूसरे नंबर पर चॉइस सुब्रत हैं।

वर्तमान में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण रामलला तीर्थ दर्शन योजना में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। वो इस वक्त धार्मिक न्यास व धर्मस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं।

पिंगुआ के नाम की भी चर्चा थी

प्रदेश के 1994 बैच के सीनियर IAS अफसरों में से एक मनोज पिंगुआ के नाम की भी चर्चा थी। मनोज पिंगुआ हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ अफसरों से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद से यह बात तय मानी जा रही थी कि पिंगुआ मुख्य सचिव बनाए जा सकते हैं।

अब जानिए सीनियर IAS मनोज पिंगुआ के बारे में ?

वो साफ-सुथरी छवि के सा​थ बहुत ही शांत प्रशा​सनिक अधिकारी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय की पहली पसंद भी हैं। वर्तमान में मनोज कुमार पिंगुआ गृह,जेल, विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। मनोज पिंगुआ वर्तमान में छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।

मनोज पिंगुआ लंबे समय से गृह और जेल विभाग के प्रमुख सचिव रहें। वे व्यावसायिक परीक्षा मंडल और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे हैं। मनोज पिंगुआ विभिन्न जिलों में कलेक्टर रहे। जांजगीर-चांपा जिला निर्माण के बाद वे दूसरे कलेक्टर बने।

जांजगीर-चांपा जिले के दूसरे कलेक्टर बने थे

जिले के पहले कलेक्टर डॉक्टर वीएस निरंजन 31 अक्टूबर सन 2000 को मध्यप्रदेश चले गए थे। उसके बाद मनोज पिंगुआ जांजगीर-चांपा जिले के दूसरे कलेक्टर बने। वे धमतरी और सरगुजा कलेक्टर भी रहें।2014 में मनोज पिंगुआ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे।

प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले पिंगुआ छत्तीसगढ़ में आदिम जाति विकास और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का पदभार संभाल रहे थे। उन्हें केंद्र में केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति मिली थी। 2016 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद उन्होंने कई विभाग सम्हालें।

Related Articles

Back to top button