छत्तीसगढ़

प्रीपेड और पोस्ट पेड बिजली शुल्क वाले स्मार्ट मीटर लगाने अगले हफ्ते से सर्वे प्रारूप तैयार किया गया

प्रबंधक संपादक दिनेश चौरसिया

भिलाई दुर्ग  ट्विनसिटी और ग्रामीण क्षेत्र के 7.95 लाख बिजली उपभोक्ताओं के घरों और दफ्तरों में लगे मीटर बदले जाएंगे। इनकी जगह स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर में प्री-पेड के साथ पोस्ट पेड की भी सुविधा रहेगी। स्मार्ट मीटर लगाने के पहले क्षेत्र की सप्लाई लाइन को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए बिजली कंपनी अगले हफ्ते से सर्वे शुरू करने की तैयारी में है।

बिजली सप्लाई लाइन को अपग्रेड करने के लिए सर्वे शुरू करने की जानकारी देने कंपनी के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें दुर्ग जिले के भी अफसर शामिल हुए। क्योंकि जिस रिवेंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर सिस्टम (आरडीएसएस) स्कीम के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, उसमें दुर्ग जिला भी शामिल है।

इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के वित्तीय मदद से 650 करोड़ की लागत से क्षेत्र की बिजली सप्लाई व्यवस्था को पुख्ता किए जाने की योजना है। बैठक में प्रबंधन की ओर से अफसरों को बताया गया कि योजना के क्रियान्वयन के पहले बिजली सप्लाई लाइन को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 4 सेक्टर में काम करना होगा। इसके लिए सर्वे किया जाएगा। सर्वे का कार्य होने के बाद ही सिस्टम को अपग्रेड करने का काम शुरू किया।

बिजली चोरी रुकेगी, दफ्तर से हो सकेंगे ऑपरेट
बैठक में जानकारी दी गई कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ेगी। बिजली चोरी रुकेगी। इसके अलावा मीटर को बिजली कंपनी के दफ्तर में बैठकर भी ऑपरेट किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का सर्वर रूम को तुरंत जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा बिजली कनेक्शन काटने के लिए लाइनमैन को उपभोक्ता के घर भेजने की जरुरत नहीं होगी। कंट्रोल रूप से ही मीटर को बंद किया जा सकेगा। इसके अलावा मीटर रीडिंग की जानकारी भी कंपनी को आसानी से मिल सकेगी। इसे देखते हुए इस नए मीटर को लगाया जाना तय किया गया है।

सर्वे को लेकर तैयारी पूरी, जल्द शुरू होगा काम
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि निर्धारित बिन्दुओं पर सर्वे का कार्य अगले सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जिन सेक्टर एरिया में सर्वे का कार्य पहले पूरा होगा। सप्लाई लाइन को अपग्रेड करने का काम तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए बाकी सेक्टर के सर्वे का कार्य पूरा होने का इंतजार नहीं किया जाएगा।

सप्लाई लाइन को अपग्रेड करने की 4 कैटेगरी तय

  • फीडर सेग्रीगेशन किया जाएगा। जिसके तहत किसानी कार्य के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पंपों से जुड़ी सप्लाई लाइन को घरेलू बिजली सप्लाई लाइन से अलग किया जाएगा।
  • 11 केवी बिजली सप्लाई लाइन को बाइफरकेट करना। जिसमें लंबी दूरी में लगे पोल के अंतर को कम किया जाएगा।
  • एलटी लाइन जो खुली है, उसे एरियल बंच केबल (एबीसी) से कवर्ड किया जाएगा।
  • हाई वोल्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (एचवीडीएस) को डिमांड के अनुसार एलटी लाइन में तब्दील करना।

सिस्टम अपग्रेड करने के लिए ये काम तय किए

  • 94.74 करोड़ लागत से 55 बिजली सब स्टेशन बनेंगे।
  • 50 करोड़ की लागत से 245 किमी 33 केवी और 360 किमी 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी।
  • 54 करोड़ से 22 सब स्टेशनों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और 50 सब स्टेशनों में पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
  • 52 करोड़ से 11 केवी फीडर का बाइफरकेशन और सेग्रीगेशन कार्य किया जाएगा।
  • 33.15 करोड़ रुपए से लाइन लास और चोरी रोकने कंडक्टर को एबी केबल एवं एलटी लाइन से इंटर लिंकिंग भार कम किया जाएगा।

सर्वे का मकसद लाइन लॉस को कम करना
बिजली कंपनी लाइन लास कम करने के साथ-साथ बिजली चोरी रोकना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा पुरानी तकनीक वाले सब स्टेशन और ट्रांसफार्मर, सप्लाई लाइन को लंबे समय से नही बदला जाना, साथ ही सप्लाई लाइन की लंबाई अधिक होना भी सतत बिजली में बाधा उत्पन्न कर रही है। आरडीएसएस के तहत नई तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल और सप्लाई लाइन की लंबाई को कम करने से लो वोल्टेज के साथ-साथ अन्य समस्याओं का निराकरण करने में मदद मिलेगी।

Related Articles

Back to top button