CRIMEअपराधछत्तीसगढ़

जिलों में चल रहा है विदेशी कुत्तों की तस्करी का काला खेल, इंपोर्ट एक्सपोर्ट से की जा रही काली कमाई।

भिलाई । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इन दिनों कम समय में अच्छा पैसा कमाने की लालसा में लोग अवैध डॉग फॉर्ममिग कर रहे है । जी हां आप बिलकुल सही पढ़ है अन्य राज्यों में एक्सपोर्ट इंपोर्ट का काला कारोबार इन दिनों धड़ल्ले से दुर्ग में अपना पैर फैला रहा है जहा विदेशी नस्ल के डॉग के बच्चे की ब्रीड फार्मिंग की जा रही है । जिनसे से अच्छा पैसा कमाने की लालच में लोग जानवरो को अत्यधिक पीड़ा देने वह बार बार बच्चे पैदा करवाने नाना प्रकार के दवाओं के द्वारा प्रजन्न क्षमता बढ़ाने सहित उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है ।

दुर्ग भिलाई में कुछ वैध रूप से डॉग केनाल चल रहे है तो कुछ अवैध रूप से बिना पंजीयन के केनाल चला रहे है ।

डॉग फार्मिंग या ब्रीड फर्म चलाने के पहले राज्य पशु कल्याण विभाग से पंजीयन करवाना होता है लेकिन इस प्रोसेस में कई नियमों की ताक रखने पड़ते है जैसे डॉग के स्वास्थ्य, केनाल चलाने की जगह पक्की हो , फायर सेफ्टी , मल मूत्र गंदगी को नियंत्रण रखने सहित कितनी संख्या में आप पशु रख सकते है और भी कई नियमों के तहत पंजीकृत करवा कर है ब्रीड फार्मिंग करने केनाल का परमिशन मिलता है । लेकिन बिना पंजीयन बिना नियमों के ही फॉर्मिग का कारोबार किया जा रहा है , विदेशी नस्ल के डॉग पर लगती है टैक्स वही अवैध चोरी छुपे ब्रीड फार्मिंग करने वाले बिना पंजीयन ही कारोबार करने में लगे है ।

दुर्ग भिलाई में आज तक पशु तस्करी जेसे गाय, बैल ही सुने गए थे तो ज्यादातर स्लाटर हाउस या बूचड़ खाने जाते हुए ही पकड़े हुए है । लेकिन अब विदेशी नस्ल के कुत्ते की भी तस्करी होती है लिहाजा भले ही ये बूचड़ खाने में कटने नही जाते है लेकिन इनका फार्मिंग कर इन्हें अन्य राज्यों में तस्करी की जा रही है । दुर्ग भिलाई में अगर इनके तस्करी की बात की जाए तो अक्सर बाकेट में डालकर सैकड़ों की तादात में बकेट में 4 से 6 डॉग एक ही बकेट में डाल कर रोजाना अन्य राज्यों में बस वैन के माध्यम से इनकी तस्करी का खेल चल रहा है । जो नियम कायदों के विरुद्ध है किसी भी पशु की इस तरह से तस्करी करना अवैध है और पशु क्रूरता अधिनियम लागू होती है ,जिसपर भारी जुर्माना और जेल भी हो सकती है । पशु कल्याण विभाग कर सकती है कार्यवाही साथ ही क्षेत्रीय निगम को भी है अधिकार।

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