काशी में 200 साल पुरानी मस्जिद 22 मिनट में ढहाई:आधी रात 1000 जवान तैनात, 5 बुलडोजर चले, पूरा मलबा रातों-रात हटवाया प्रशासन का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बनी थी।
By Dinesh chourasiya
वाराणसी में आधी रात प्रशासन ने 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को ढहा दिया। महज 22 मिनट में 5 बुलडोजरों ने 42 फीट ऊंची मस्जिद को तोड़ दिया। पूरा मलबा भी रातों-रात ट्रकों में भरकर हटा दिया गया।







12 बजे प्रशासन ने 1000 से अधिक पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचा। डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीसीपी वैभव बांगर ने मस्जिद के चारों ओर बैरिकेडिंग करवाई। लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ।
प्रशासन का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बनी थी। मामला कोर्ट गया था, वहां से फैसला रेलवे के पक्ष में आ चुका है। यहां काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल बनाया जा रहा है। इसलिए उसका विस्तार किया जा रहा, इसी वजह से यह कार्रवाई की गई।
पुलिस कर्मियों ने बताया कि ट्रैफिक से बचने के लिए रात में कार्रवाई की गई।




- भदऊ चुंगी स्थित किला कोहना इलाके में अजगैब शहीद की मस्जिद और कब्रिस्तान स्थित है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद 200 साल पुरानी थी। मस्जिद के मुतवल्ली शमीम उस्ताद थे, जिनका दो महीने पहले निधन हो चुका है।
- प्रशासन का कहना है कि यह रेलवे की पुरानी जमीन है, जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करके पहले मजार बनाई। बाद में मस्जिद और कब्रिस्तान का निर्माण किया गया। साल 2024 में काशी मॉडल रेलवे स्टेशन का प्रोजेक्ट आया। इसके बाद जमीन की पैमाइश कराई गई, जिसमें अवैध कब्जे का पता चला।
- रेलवे ने मस्जिद के मुतवल्ली से जमीन खाली करने के लिए कहा। हालांकि, वह कोर्ट पहुंच गए। हाल ही में मुतवल्ली केस हार गए। इसके बाद रेलवे ने जमीन खाली करने के लिए 3 बार नोटिस जारी किया, लेकिन जमीन खाली नहीं की गई। इसके बाद कार्रवाई की गई।

मैप से समझिए कहां हुई बुलडोजर की कार्रवाई
रेलवे का मॉडल स्टेशन में क्या-क्या होगा, जानिए
- मॉडल स्टेशन तीन मंजिला होगा। इसके निर्माण पर करीब 3,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 47 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है।
- स्टेशन में बस, ट्रेन और वाटर ट्रांसपोर्ट तीनों की सुविधा मिलेगी। स्टेशन परिसर में फाइव स्टार होटल और सामान्य श्रेणी का होटल बनाया जाएगा।
- यात्रियों के लिए अर्बन हाट और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। स्टेशन को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जोड़ा जाएगा, जिससे आवागमन आसान होगा।
वकील ने कहा- हाईकोर्ट में मुकदमा विचारधीन है
वकील मोहम्मद मोइद्दीन खान उर्फ रॉकी ने बताया- हाईकोर्ट में मुकदमा अभी विचाराधीन है। अजगैब शहीद की प्रॉपर्टी जो वक्फ बोर्ड में वक्फ नंबर 381 दर्ज है। 19 बिस्वा जमीन में है। मजार अजगैब शहीद में 7 मजार है। मजिस्द के अंदर अंडरग्राउंड हाता है। इसमें एक प्राचीन कुआं था। मस्जिद के अंदर एक गुलर का पेड़ है जो कि करीब 100 साल पुराना है।
अब पढ़िए वहां के लोगों ने क्या कहा-
नसीर अहमद अंसारी ने कहा- मैं तो बचपन से ही यहां नमाज पढ़ता था। ईद-बकरीद पर नमाज पढ़ें हैं। बचपन से ही मस्जिद देख रहे हैं। मस्जिद की तोड़ने से तकलीफ है। मस्जिद के अतिक्रमण के बारे में जानकारी नहीं है।
राजकुमार ने कहा मस्जिद तो मेरे सामने बनी है
राजकुमार ने बताया- मैं 60 साल से यहां दुकान लगा रहा है। मस्जिद तो मेरे सामने बनी है। हम लोग वहां जाते थे सब खाली था। वहां टीन डालकर एक बाबा रहते थे। एक अंदर में हनुमान जी का मंदिर भी था।
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