छत्तीसगढ़

चीन की चाल का मोदी सरकार ने दिया सियोम ब्रिज से जवाब, सेना के हर अभियान में कारगर साबित होगा यह पुल

नई दिल्ली -रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार सुबह अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक रूप से बेहम अहम सियोम ब्रिज और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (RBO) की तरफ से पूरे किए गए 27 अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया।

सिंह ने आज अरुणाचल प्रदेश में सियोम नदी पर बने 100 मीटर लंबे स्टील आर्च ब्रिज का उद्घाटन किया और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, अरुणाचल पूर्व के सांसद तपीर गाओ, जनरल ऑफिसर की उपस्थिति में ब्रिज साइट से रिमोट बटन दबाकर 27 अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। सियोम नदी के ऊपर बना ये ब्रिज भारत के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका इस्तेमाल करके भारतीय सेना अपने जवानों को आसानी से एलएसी पर तैनात करने में सक्षम हो जाएगी। इस ब्रिज की बात करें तो ये 100 मीटर लंबा है। सियोम ब्रिज की जब-जब बात आती है तो चीन चिढ़ जाता है।

यहां चर्चा कर दें कि बीआरओ ने पिछले पांच सालों में अरुणाचल प्रदेश में 3.97 किमी सड़क का निर्माण किया है। इस 100 मीटर लंबे स्टील के सुपरस्ट्रक्चर से सैनिकों, तोप, टैंकों और भारी सैन्य वाहनों को चीन से सटे अपर सियांग जिले, तुतिंग और यिंकियोंग के फॉरवर्ड इलाकों में और तेजी से मूवमेंट हो सकेगा।

 

बीआरओ ने इस ब्रिज को ब्रहमांक प्रोजेक्ट के तहत बनाया है। दरअसल, अरुणाचल प्रदेश में बीआरओ के 4 प्रोजेक्ट हैं- अरुणांच, वर्तांक, ब्रह्मांक और उदयक जिनके तहत राज्य के बेहद मुश्किल भूभाग और रणनीतिक तौर पर अहम इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण को गति दी जा रही है। ये ब्रिज सियोम नदी पर बनी है जो ब्रह्मपुत्र नदी से निकली हुई है और अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले से होकर गुजरती है।

 

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