छत्तीसगढ़

भिलाई के मैत्रीबाग में फूड पार्क बनाने की योजना ठंडे बस्ते में

By Dinesh chourasiya

अफसर के ट्रांसफर योजना ठंडे बस्ते में

भिलाई. मैत्रीबाग में फूड पार्क बनाने के लिए नगर सेवाएं विभाग के तात्कालीन मुख्य महाप्रबंधक संदीप विट्ठल राव नंदनवार ने 2022 में प्रस्ताव तैयार करवाया। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए प्रबंधन ने तैयारी शुरू की। महाराष्ट्र व दूसरे राज्य से एजेंसी भी इस काम करने के लिए भिलाई पहुंची। नगर सेवाएं विभाग के आला अधिकारियों की मंशा थी कि किसी तरह से मैत्रीबाग का राजस्व बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक पर्यटकों को यहां हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। इस बीच सीजीएम नंदनवार का तबादला हुए। अप्रैल 2023 में वे सेवानिवृत्त हो गए। नए सीजीएम आने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।

स्थल का किया चयन
मैत्रीबाग में इसके लिए स्थल का चयन किया गया। चिंहित जगह से जंगली झाडिय़ों को कटवाया गया। सफाई का काम किए। इसके साथ-साथ इस काम को करने के लिए जिन एजेंसियों ने रुचि दिखाई, उनको भी स्थल का भ्रमण करवाया गया। इसके बाद स्थल के समतलीकरण किया गया।

फूड पार्क में बड़े ब्रांड को किया था शामिल
प्रबंधन व एजेंसी ने तय किया था कि मैत्रीबाग के फूड पार्क में केवल बड़े ब्रांड के जायकेदार व्येंजनों को ही शामिल किया जाएगा। इस फूड पार्क की वजह से रात 10 बजे के बाद तक मैत्रीबाग में पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता। वहीं मैत्रीबाग के राजस्व में इजाफा होता।

25 से अधिक स्टॉल बनाने की योजना
मैत्रीबाग में मुख्यद्वार के करीब बनाए गए भारत के नक्शे के पीछे हिस्से में 25 से अधिक स्टॉल शुरू में तैयार करने की योजना थी। स्टॉल को इस तरह से बनाया जाना था, जिससे यहां किसी भी बड़े ब्रांड को स्टॉल शुरू करने में दिक्कत न हो। बड़े ब्रांड को ही यहां प्राथमिकता देने की योजना था। इससे आने वाले उम्दा फूड का जायका ले सकें।

बीएसपी को करना था बुनियादी तैयारी
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग को फूड पार्क के नाम पर मैत्रीबाग में बुनियादी तैयारी शुरू में करना था। इसमें स्टॉल तक पहुंचने के लिए पेवर ब्लॉक लगाकर मार्ग तैयार करना था। इससे आने वाले पर्यटकों को परेशानी न हो। इसी तरह से बीएसपी को स्टॉल लगाने के लिए स्ट्रक्चर भी तैयार करके दिया जाना था।

कंपनी का होता स्टॉल
प्रबंधन स्ट्रक्चर तैयार करके देता, इसके बाद अपने-अपने ब्रांड का स्टॉल एजेंसी तैयार कर लेती। इस काम को जिस एजेंसी को दिया जा रहा था। वह सभी स्टॉल से राशि एकत्र कर प्रबंधन को हर साल देती। वहीं शुरू में एजेंसी से एडवांस लिया जाता।

पुराने आंकड़े हो जाते ध्वस्त
मैत्रीबाग में हर साल करीब 12 लाख पर्यटक आते हैं। फूड पार्क शुरू हो जाता, तो पुराने आंकड़े ध्वस्त हो जाते। पर्यटकों की संख्या दोगुना भी हो सकती थी। प्रबंधन ने इससे हाथ खींच कर मैत्रीबाग के राजस्व को ही घटाया है।

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