भिलाई दुर्ग के पटाखा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी:अब टिन शेड में ही लगेंगी पटाखा दुकानें, बांस और कपड़े पर रोक, लेकिन कहीं भी नियमों का पालन नहीं
By Dinesh chourasiya

दीपावली त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन और अग्नीशमन विभाग के साथ-साथ एसडीआरएफ भी अलर्ट मोड पर आ गया है। दीपावली में आतिशबाजी के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव के लिए दुर्ग जिले की सभी स्थायी और अस्थायी पटाखा दुकानों को लेकर नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और एसडीआरएफ मुख्यालय अटल नगर नवा रायपुर ने संयुक्त रूप से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसमें दुकान की बनावट से लेकर सुरक्षा उपकरणों, अग्निशमन व्यवस्था और आतिशबाजी के नियमों तक हर बिंदु को स्पष्ट किया गया है।
बांस और कपड़े की दुकानों पर प्रतिबंध, टिन शेड में दुकान लगाना अनिवार्य एडवाइजरी में सबसे अहम निर्देश यह है कि पटाखा दुकानों का निर्माण बांस, बल्ली या कपड़े से नहीं किया जाएगा। इनकी जगह दुकानों को अज्वलनशील सामग्री (टिन शेड) से बनाना अनिवार्य होगा। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि यह बदलाव आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए किया गया है। बांस और कपड़े आग को तुरंत पकड़ लेते हैं, इसलिए दुकानों को केवल टिन शेड से ही तैयार किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाी भी की जाएगी।








लेकिन बांस-बल्लियों से बन रही दुकानें, दूरी भी पर्याप्त नहीं दुर्ग-भिलाई में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पावर हाउस में बन रही दुकानों में बांस-बल्लियों का उपयोग किया जा रहा है। दुकानों में पर्याप्त दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं दुर्ग में भी पटाखा दुकान बनाने को लेकर नियमों की अनदेखी की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन की गाइडलाइन का भी कोई असर ग्राउंड पर नजर नहीं आ रहा है।

पुलिस ने ली पटाखा दुकानदारों की बैठक, स्टॉक से ज्यादा पटाखा रखने पर होगी कार्रवाई दुर्ग पुलिस ने सोमवार को पटाखा व्यवसायियों की बैठक आयोजित की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस नियंत्रण कक्ष के सभाकक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी पटाखा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पटाखा विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। दुकानदार अनुज्ञप्ति की शर्तों का अक्षरशः पालन करें और केवल मानक के अनुरूप ही पटाखों का विक्रय करें। निर्धारित मात्रा से अधिक स्टॉक रखने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा अनिवार्य पुलिस ने पटाखा व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दुकान में सभी सुरक्षा के उपाय किए जाए, वहीं दुकान परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाना भी अनिवार्य किया गया है। पुलिस ने दुकानदारों को हिदायत दी कि दुकानों के आस-पास ट्रांसफॉर्मर न हों और बिजली के तार खुले न रहें। सभी वायरिंग की सही टेपिंग करवाई जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।




ग्रीन पटाखों की बिक्री करें पुलिस ने यह भी निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ग्रीन पटाखों की बिक्री की जाए। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपने थाने और पुलिस नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर तुरंत सूचना दें। बैठक में विभिन्न थानों के प्रभारी अधिकारी और बड़ी संख्या में फटाका व्यापारी मौजूद रहे।
दुकान में अग्निशमन यंत्र, पानी और ड्रम की व्यवस्था जरूरी हर दुकान में कम से कम पांच किलो क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है। इसके अलावा दुकानों के सामने 200 लीटर पानी के ड्रम और बाल्टियों की व्यवस्था भी करनी होगी ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा के लिहाज से हर दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी जरूरी है। दुकानें एक-दूसरे के सामने नहीं लगाई जाएंगी। इसके साथ ही दुकानों के सामने बाइक या कार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, ताकि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड के वाहन को रास्ता मिल सके।
लैंप या खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित एडवाइजरी में कहा गया है कि दुकानों में तेल का लैंप, गैस लैम्प या खुली बिजली बत्ती का उपयोग नहीं किया जा सकता। सभी विद्युत तार सुरक्षित और ढंके हुए होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर होना अनिवार्य है। इससे शॉर्ट सर्किट की स्थिति में बिजली स्वतः बंद हो जाएगी। साथ ही किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर की दूरी तक आतिशबाजी प्रदर्शन करना सख्त मना है।
ट्रांसफार्मर और हाई टेंशन लाइन से दूर रहें दुकानें एडवाइजरी में स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी पटाखा दुकान ट्रांसफार्मर के पास या हाई टेंशन पावर लाइन के नीचे नहीं लगाई जानी चाहिए। इससे बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं के खतरे को कम किया जा सकेगा। हर दुकान परिसर में अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के फोन नंबर प्रमुख स्थानों पर लगाए जाने चाहिए। साथ ही फायर ब्रिगेड वाहन की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह खाली रखनी होगी ताकि आपात स्थिति में कोई रुकावट न हो।
गुणवत्ता वाले पटाखे खरीदें, सुरक्षित स्थान पर जलाएं एसडीआरएफ ने नागरिकों को भी सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदने और गुणवत्ता वाले, प्रमाणित उत्पादों का चयन करने की सलाह दी गई है। पटाखे हमेशा खुले मैदान, पार्क या बड़े खुले स्थानों पर जलाएं और घर के अंदर, खिड़कियों के पास या बंद जगहों पर कभी न जलाएं। इसके साथ ही पटाखे जलाते समय सूती वस्त्र पहनें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े तुरंत आग पकड़ लेते हैं। ढीले या लटकने वाले कपड़े पहनने से बचें। ज्वलनशील वस्तुओं जैसे सूखी पत्तियां, गैस सिलेंडर या वाहन के पास पटाखों का उपयोग न करें। यदि कोई पटाखा नहीं जलता, तो उसे दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई अगर कोई दुर्घटना होती है या जलने की चोट लगती है, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें और बिना परामर्श के घरेलू उपचार न करें। वहीं प्रशासन ने साफ कहा है कि जांच के दौरान यदि किसी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला सेनानी नागेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि सभी दुकानदार और नागरिक एडवाइजरी का पालन करें और सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाएं।




