दुर्ग में कॉलेज-भवनों के निर्माण के लिए 71.72 करोड़ मंजूर:9 कॉलेजों के भवन बनेंगे; प
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले में उच्च शिक्षा की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 9 कॉलेज भवनों के निर्माण को मंजूरी मिली है। इन कामों पर करीब 71.72 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के आसपास ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।








स्वीकृत 9 कार्यों में से 2 कॉलेज भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं कुछ जगहों पर निर्माण जारी है और बाकी कामों को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन भवनों में कक्षाओं के साथ प्रयोगशाला, पुस्तकालय और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
कॉलेजों का चल रहा निर्माण कार्य।




कुम्हारी और पेंड्रावन में बन रहे नए कॉलेज
कुम्हारी और पेंड्रावन में नए शासकीय कॉलेज भवनों का निर्माण जारी है। दोनों भवनों पर करीब 4.66-4.66 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
वहीं वैशाली नगर के इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 3.87 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय और छात्राओं के लिए अलग कक्ष बनाया जा रहा है।

शासकीय महाविद्यालय उतई में भी 1.12 करोड़ रुपए की लागत से पहली मंजिल पर 8 अतिरिक्त कमरे बनाए जा रहे हैं। इससे कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कक्षाओं के लिए अधिक जगह मिल सकेगी।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगी उच्च शिक्षा।
नगपुरा में निविदा स्तर पर काम, दुर्ग और रिसाली में जमीन की तैयारी
नगपुरा में नए शासकीय कॉलेज भवन का काम निविदा स्तर पर है। इसके निर्माण के लिए करीब 4.66 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
वहीं दुर्ग में नए शासकीय संगीत महाविद्यालय और रिसाली में शासकीय महाविद्यालय भवन के लिए जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। इन दोनों भवनों के लिए भी 4.66-4.66 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।
पाटन में 38.78 करोड़ का कॉलेज भवन तैयार
जिले में जिन दो कॉलेज भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनमें पाटन का शासकीय चंदूलाल चंद्राकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय शामिल है।
यहां करीब 38.78 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस, पुस्तकालय, इनडोर स्टेडियम, कर्मचारियों के आवास सहित कई निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं।
कॉलेज के तीन मंजिला भवन में रसायन, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव औद्योगिक और सूक्ष्म जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं।
इसके अलावा कक्षाएं, व्याख्यान कक्ष, सेमिनार कक्ष, कंप्यूटर प्रयोगशाला, नए विचारों पर काम करने के लिए अलग कक्ष, संग्रहालय और शिक्षकों के लिए कमरे भी तैयार किए गए हैं। दूसरा पूरा हुआ भवन पाटन विकासखंड के रानीतराई में बनाया गया है।
करीब 4.66 करोड़ रुपए की लागत से बने इस दो मंजिला कॉलेज भवन में कक्षाओं के साथ भौतिकी और रसायन की प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर प्रयोगशाला, प्रशासनिक कक्ष और खुला आंगन बनाया गया है।
दिव्यांगों के लिए रैम्प, बारिश का पानी सहेजने की व्यवस्था
सभी कॉलेज भवनों में दिव्यांग विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रैम्प बनाए गए हैं। साथ ही बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने और भूजल स्तर सुधारने के लिए जल संचयन की व्यवस्था भी की गई है।
इन कॉलेज भवनों के बनने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनका आने-जाने का समय और खर्च बचेगा। साथ ही निर्माण कार्यों से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।




