
कोण्डागांव में घर से अचानक लापता हुई युवती को तलाशने में पुलिस को सफलता मिली है। युवती अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर चली गई थी, जिससे परिजन किसी अनहोनी या अपहरण की आशंका से परेशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोण्डागांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।







तकनीकी सहायता और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने युवती को मध्यप्रदेश के जबलपुर से सकुशल बरामद कर लिया। 31 अक्टूबर को उसे कोण्डागांव लाकर आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
27 अक्टूबर को घर से निकली थी युवती




पुलिस के अनुसार, बाजारपारा निवासी आदित्य सिंह राठौर ने थाना कोण्डागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी मामा की लड़की 27 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे बिना किसी को बताए घर से चली गई है। वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गई थी।
परिजनों और रिश्तेदारों ने युवती की तलाश परिचितों के यहां भी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण किए जाने की आशंका जताई और पुलिस से मदद मांगी।
साइबर सेल की मदद से जबलपुर तक पहुंची पुलिस
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी पंकज चंद्रा ने युवती की जल्द पतासाजी कर उसे सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए। एएसपी कपिल चंद्रा और एसडीओपी रूपेश कुमार के पर्यवेक्षण तथा एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय और डीएसपी सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए तकनीकी सहायता से युवती की तलाश की। लगातार जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन मध्यप्रदेश के जबलपुर में मिली। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम जबलपुर रवाना हुई और युवती को सकुशल बरामद कर लिया।
पारिवारिक नाराजगी के कारण घर छोड़ने की बात कही
पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि वह किसी अपराध का शिकार नहीं हुई थी, बल्कि पारिवारिक नाराजगी के कारण बिना बताए घर से चली गई थी। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और पूछताछ के बाद पुलिस ने 31 अक्टूबर को उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
युवती के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए कोण्डागांव पुलिस का आभार जताया।




