भूपेश बघेल के आरोपों पर विधायक रिकेश का पलटवार, बोले– हार के डर से भ्रम फैला रही कांग्रेस
By Dinesh chourasiya








*मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी के आरोपों को बताया निराधार, कहा– प्रारंभिक सूची में सुधार की प्रक्रिया जारी, दावा-आपत्ति की तारीख भी बढ़ाई गई*




भिलाई नगर, 31 अक्टूबर। दुर्ग जिले की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल द्वारा भिलाई में आयोजित प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों पर वैशाली नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक हताशा करार देते हुए कहा कि पराजय के भय से कांग्रेस नेताओं द्वारा बेवजह दोषारोपण करना और जनता को बरगलाने का नाकाम प्रयास करना कोई नई बात नहीं है।
विधायक रिकेश सेन ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी होने का आरोप वास्तविक स्थिति से परे है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची तैयार करने के दौरान ऑनलाइन एप में एंट्री करते समय कुछ त्रुटियां हुई हैं, जिन्हें सुधारने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में प्रावधान मौजूद हैं। इन त्रुटियों को प्रारंभिक मतदाता सूची के स्तर पर ही सुधारने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सुधार की प्रक्रिया को चुनाव प्रभावित करने वाली बड़ी गड़बड़ी के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
*वार्ड नहीं, बदले गए मतदाताओं के बूथ*
भूपेश बघेल के इस आरोप पर कि बिना परिसीमन के सैकड़ों मतदाताओं के वार्ड बदल दिए गए हैं, विधायक सेन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदाताओं के वार्ड बदलने और मतदान केंद्र (बूथ) बदलने में अंतर है। उनके अनुसार, वार्डों की सीमाएं वर्ष 2020-21 में हुए परिसीमन के नक्शे के आधार पर ही निर्धारित हैं। इसी निर्धारित सीमा के अनुसार मतदाताओं का वार्डवार वर्गीकरण किया गया है। इसलिए बूथ में बदलाव को वार्डों के परिसीमन में बदलाव बताकर भ्रम फैलाना सही नहीं है।
*दावा-आपत्ति की तारीख 3 नवंबर तक बढ़ी*
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई थी। इस पर विधायक रिकेश सेन ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दी गई है। प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इसके बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध कराई गई थीं।
दावा-आपत्ति प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि मतदाता सूची में नाम, वार्ड अथवा अन्य विवरणों से संबंधित आपत्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त कर उनका निराकरण किया जा सके।
*लापरवाही पर संबंधितों को नोटिस*
मतदाता सूची में त्रुटियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य लोगों पर कार्रवाई की भूपेश बघेल की मांग के संबंध में विधायक सेन ने बताया कि संबंधित ऑपरेटरों, बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। त्रुटियों के संबंध में सुधारात्मक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इससे स्पष्ट है कि निर्वाचन प्रक्रिया में सामने आई कमियों को नजरअंदाज नहीं किया गया है, बल्कि उनके निराकरण और जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
*आरोपों की राजनीति नहीं, तथ्यों पर बात करे कांग्रेस*
विधायक रिकेश सेन के जवाब का सार यह है कि मतदाता सूची में सामने आई तकनीकी और एंट्री संबंधी त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया पहले से जारी है। वार्डों की सीमाएं पूर्व परिसीमन के अनुसार निर्धारित हैं, बूथ परिवर्तन को वार्ड परिवर्तन बताना उचित नहीं है, दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाई जा चुकी है और जिम्मेदार कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
ऐसे में कांग्रेस को निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने के साथ-साथ उपलब्ध तथ्यों और सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखना चाहिए। निकाय चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विधायक रिकेश सेन ने कांग्रेस को घेरते हुए साफ संदेश दिया है कि चुनावी राजनीति के लिए भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।




