
वनांचल में बैंकिंग की नई मिसाल: नलकसा की करिश्मा बनीं 8 गांवों की ‘बैंक सखी’
माइक्रो एटीएम से ग्रामीणों तक पहुंचा रहीं बैंकिंग सेवाएं, प्रतिमाह 18 से 20 हजार रुपये तक की कर रहीं आमदनी
अविनाश साहू संवादाता पत्रकार
बालोद (छत्तीसगढ़), 05 सितंबर 2026। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्राम नलकसा की करिश्मा ढीमर ग्रामीणों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं। ‘बैंक सखी’ के रूप में कार्यरत करिश्मा अपने गांव सहित आसपास के करीब आठ गांवों में लोगों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
करिश्मा माइक्रो एटीएम के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और विकसित भारत जी राम जी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित राशि के भुगतान में ग्रामीणों की सहायता कर रही हैं।
नकद निकासी के अलावा वे बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही हैं। इससे दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को बैंक तक जाने, लंबी कतारों में लगने और आवागमन पर समय एवं खर्च करने की आवश्यकता कम हुई है।
करिश्मा के अनुसार, वे प्रतिमाह औसतन 8 से 9 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन करती हैं। इससे उन्हें कमीशन के रूप में हर महीने करीब 18 हजार से 20 हजार रुपये तक की आय हो रही है।
ग्रामीण बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के साथ यह कार्य करिश्मा के लिए आर्थिक स्वावलंबन का भी माध्यम बना है। वे अपनी आय से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दे रही हैं।
करिश्मा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं के प्रति मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इन पहलों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।
सुदूर वनांचल क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ करिश्मा ढीमर की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और वित्तीय सशक्तिकरण का उदाहरण बनकर उभरी है।







