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स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने का विरोध:संसद मार्ग थाने के बाहर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन; CJP के धरने के बाद पुलिस ने पकड़ा था

By Dinesh chourasiya

प्रदर्शनकारी स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे हैं। यह प्रदर्शन दक्ष चौधरी ने बुलाया है। दक्ष हाई प्रोफाइल लोगों से मारपीट करने और थप्पड़ लगाने के लिए जाना जाता है। उसने कन्हैया कुमार को भी थप्पड़ मारा था।

दक्ष ने भास्कर से बातचीत में कहा कि हमारी मांग यह है कि स्वतंत्र के ऊपर जो धाराएं लगी हैं। जैसे- SC/ST एक्ट, 307 और पॉक्सो एक्ट। यह दबाव में किया गया है।

हालांकि स्वतंत्र के वकील ने थाने के अंदर अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने लिखित शिकायत दी, पुलिस की तरफ से फिलहाल किसी तरह का आश्वासन नहीं मिला।

कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर से पकड़ लिया गया। फिलहाल वह दिल्ली पुलिस की हिरासत में है।

पकड़े जाने से पहले स्वतंत्र ने हसनपुर में मीडिया से करीब 3 मिनट तक बात की और कहा- “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चाहे पूरा विपक्ष एकजुट हो मेरा बाल बांका नहीं कर सकता।

स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने में 3 घंटे प्रदर्शन किया था। पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ था।

1. पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद

CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। संजय की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज हुआ। नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ा गया और डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

2. आरोपी- स्वतंत्र भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी।

3. दिल्ली पुलिस का पक्ष

पुलिस के मुताबिक 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा (ब्रेसलेट) लगने से चोट आई। संजय को RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिको लीगल केस में चोट साधारण बताई गई।

पुलिस ने खोपड़ी फटने/फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया। पहले पुलिस ने स्वतंत्र को पूछताछ के लिए बुलाया था फिर छोड़ दिया था। अब CJP के दबाव के बाद दोबारा हिरासत में लिया और केस में नई धाराएं जोड़ीं।

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