
बालोद में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी
रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर पत्रकार
रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर पत्रकार
बालोद (छत्तीसगढ़), 3 सितंबर: छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत बालोद में पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल और ऑनलाइन वित्तीय ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने बताया कि सरकारी एजेंसियां फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराकर किसी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने के लिए बाध्य नहीं करतीं।
कार्यक्रम में बैंकिंग फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और संदेशों के माध्यम से होने वाली ठगी के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने साइबर ठगी या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने और संबंधित बैंक को तत्काल सूचित करने की अपील की।
कार्यक्रम में पेंशनर संघ के अध्यक्ष डॉ. चौड़ा, सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक मधुसूदन यादव सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस विभाग से डीएसपी राजेश बागड़े, डीएसपी बोनीफास एक्का, एसडीओपी विनय कुमार, डीएसपी माया शर्मा, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा और थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा भी मौजूद रहे।







