
पीएम आवास योजना से कुम्हार मंशाराम का पक्के घर का सपना पूरा, शिल्प कार्य को भी मिला नया आधार
अविनाश साहू संवादाता पत्रकार
अविनाश साहू संवादाता पत्रकार
बालोद (छत्तीसगढ़), 1 सितंबर 2026। बालोद जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत एक जरूरतमंद परिवार के पक्के आवास का सपना साकार हुआ है। डौण्डी विकासखंड के ग्राम कुमुड़कट्टा निवासी पारंपरिक कुम्हार मंशाराम और उनकी पत्नी रामकली को योजना के तहत पक्का मकान मिलने से न केवल सुरक्षित आवास मिला है, बल्कि उनके पारंपरिक कुम्हारी कार्य को भी नया आधार मिला है।
मंशाराम वर्षों से कुम्हारी कार्य और कृषि मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं। बारिश के मौसम और तीज-त्योहारों के दौरान कच्चे मकान में सीलन और पानी टपकने के कारण उनके द्वारा तैयार मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने और बर्तन खराब हो जाते थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
परिवार के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिली सहायता राशि और अपनी बचत से उन्होंने पक्का मकान तैयार किया। अब सुरक्षित आवास मिलने के बाद वे मौसम की बाधाओं से बचते हुए कुम्हारी का कार्य कर पा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका को भी सुविधा मिली है।
मंशाराम के परिवार को अन्य शासकीय योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। भूमिहीन होने के कारण उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत वार्षिक आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं उनकी पत्नी रामकली को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
रामकली ने कहा कि कच्चे मकान में परिवार को लंबे समय तक कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि पक्का आवास और अन्य योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार का जीवन आसान हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं से उनके परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और महतारी वंदन योजना के लाभ से मंशाराम का परिवार अब सुरक्षित आवास के साथ अपनी पारंपरिक आजीविका को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
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