दुर्ग जिला अस्पताल में ब्लड सैंपल के साथ रील बनाई, 3 महिला टेक्नीशियन बर्खास्त
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ब्लड सैंपल लेकर रील बनाने वाली 3 महिला टेक्नीशियन को बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगने के बाद की गई है।







दरअसल, 3 महिला टेक्नीशियन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें वे लैब के अंदर अलग-अलग तरह से रील बनाती नजर आ रही थीं। एक वीडियो में टेस्ट ट्यूब हाथ में लेकर कैटवॉक करती दिखीं। जबकि दूसरे वीडियो में लैब की चेयर पर बैठकर मस्ती करती नजर आईं।
वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने लैब प्रभारी डॉ. जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। पूछा गया कि ड्यूटी के समय लैब में वीडियो कैसे बनाया गया और उस दौरान कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी। जवाब और मामले की जांच के बाद HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला कर्मियों को सेवा से हटा दिया।




नोटिस के बाद तीनों पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, 24 अगस्त को तीन महिला टेक्नीशियनों ने रील बनाई थी। यह वीडियो करीब 5 दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने अटल आरोग्य लैब के प्रभारी जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
नोटिस के बाद HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। तीनों को सेवा से हटा दिया गया है। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि वीडियो बनाने के दौरान लैब की जांच व्यवस्था पर कोई असर पड़ा था या नहीं।
सिविल सर्जन बोले- HLL ने स्टाफ को किया बर्खास्त
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद HLL लैब इंचार्ज को नोटिस जारी किया गया था। लैब इंचार्ज ने वीडियो में दिख रहे स्टाफ पर कार्रवाई के लिए HLL लाइफकेयर लिमिटेड को पत्र लिखा था।
इसके बाद HLL ने संबंधित स्टाफ को सेवा से बर्खास्त कर दिया। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने HLL लाइफकेयर लिमिटेड के सहयोग से प्रदेश के लोगों को उन्नत और निशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा देने के लिए अटल आरोग्य लैब योजना शुरू की है।
पहले HIV जांच रिपोर्ट को लेकर भी उठे थे सवाल
अटल आरोग्य लैब कुछ दिन पहले जांच रिपोर्ट को लेकर भी विवाद में रही थी। जिला अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक की HIV जांच रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए तो दोबारा जांच कराई गई, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने लैब से जानकारी मांगी थी। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच और उनका सही तरीके से कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए थे।
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