
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव के लिए बालोद पुलिस का जागरूकता अभियान, साइबर ठगी पर 1930 में शिकायत की अपील
विजय कुमार रिपोर्ट
विजय कुमार रिपोर्ट
बालोद (छत्तीसगढ़), 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” के तहत बालोद जिले में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार अभियान के तीसरे सप्ताह में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक चलने वाले अभियान के तीसरे सप्ताह का विषय “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” रखा गया है। इस दौरान लोगों को पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बनकर की जाने वाली फर्जी कॉल, वीडियो कॉल के माध्यम से धमकी और ऑनलाइन ठगी के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
थाना राजहरा पुलिस ने ग्राम बिटाल के हाई स्कूल में विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी तथा फर्जी अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कॉल के संबंध में जानकारी दी।
वहीं, साइबर सेल और थाना देवरी पुलिस ने ग्राम पिंकापार में नागरिकों को संदिग्ध कॉल और वीडियो कॉल से सतर्क रहने तथा किसी के दबाव में आकर धनराशि ट्रांसफर नहीं करने की समझाइश दी।
महिला सेल बालोद द्वारा लक्ष्मी कपड़ा शॉप में दुकानदारों और नागरिकों को साइबर अपराध, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
बालोद पुलिस के अनुसार, कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को कथित रूप से “डिजिटल अरेस्ट” कर घर में कैद रहने या तत्काल पैसे जमा करने के लिए बाध्य नहीं करती।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
बालोद पुलिस ने अपील की है कि ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार होने पर समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित पुलिस थाना को भी तत्काल सूचना दें।
पुलिस ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और आमजन से अनजान कॉल एवं वीडियो कॉल के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर धमकी दे अथवा पैसे की मांग करे तो घबराने के बजाय उसकी सत्यता की पुष्टि करें और पुलिस को सूचना दें।
बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है—सतर्क रहें, जागरूक रहें और साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।











