भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
By Dinesh chourasiya

नागरिकों के निकट न्याय को पहुंचाने तथा न्यायिक सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक) का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।







माननीय मुख्य न्यायाधिपति के करकमलों द्वारा वर्चुअल उद्घाटन:-
इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति में भिलाई-3 स्थित जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक), जिला दुर्ग का वर्चुअल उद्घाटन किया।
यह उद्घाटन भिलाई-3 क्षेत्र में न्यायिक सेवाओं की उपलब्धता को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक कार्यवाहियों के लिए अधिक सुविधाजनक एवं निकटस्थ न्यायिक मंच उपलब्ध होगा।




माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने मुख्य उद्बोधन दिया:-
तत्पश्चात्, माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति ने मुख्य उद्बोधन दिया। उन्होंने इस अवसर पर न्यायिक सेवाओं के विस्तार से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
भिलाई-3 में न्यायिक सुविधाओं का यह विस्तार न्याय वितरण प्रणाली में सुगमता, पहुंच एवं नागरिक-केंद्रित न्याय की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है। विशेष रूप से, परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों में संलग्न पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा स्वागत उद्बोधन:-
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। तत्पश्चात्, श्री के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने स्वागत उद्बोधन दिया।
अपने उद्बोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा:-
“भिलाई-तीन एक महत्वपूर्ण एवं तीव्र गति से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां बढ़ती हुई जनसंख्या तथा विविध प्रकार की विधिक आवश्यकताएं हैं। समर्पित न्यायालयों की स्थापना के पीछे की परिकल्पना एवं मार्गदर्शक विचार माननीय मुख्य न्यायाधिपति के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से अत्यधिक प्रेरित रहे हैं। अतः भिलाई-तीन में न्यायालयों की स्थापना, अधिक सुगम, उत्तरदायी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के संबंध में माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय की परिकल्पना का प्रतिबिंब है।”
भिलाई-3 के न्यायिक भविष्य की एक झलक:-
वर्चुअल उद्घाटन के तत्काल पश्चात् भिलाई-3 में प्रारंभ किए जा रहे जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट–अतिरिक्त बैठक) से संबंधित एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया। वीडियो के माध्यम से प्रस्तावित न्यायिक सुविधा तथा उसकी प्रकृति की एक झलक उपस्थितजनों के समक्ष प्रस्तुत की गई।
यह प्रस्तुति केवल एक नई न्यायिक सुविधा के संबंध में जानकारी मात्र नहीं थी, बल्कि यह न्याय वितरण प्रणाली को लोगों के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक नई शुरुआत का दृश्यात्मक परिचय भी बनी।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन:-
कार्यक्रम के अंत में, श्रीमती सुमन एक्का, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भिलाई-3 में इस नवीन न्यायिक सुविधा का प्रारंभ “न्याय को लोगों के और निकट लाने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार को प्रतिबिंबित करती है, बल्कि बदलते समय के अनुरूप एक सुचारु, सुगम एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।





