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दुर्ग में बर्खास्त महिला कॉन्स्टेबल ठगी मामले में फिर गिरफ्तार:पहले 8 तोला चोरी का सोना रखा, अब नौकरी के नाम पर ₹5.42 लाख लिए

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में पुलिस की नौकरी के दौरान विवादों में रही और बाद में बर्खास्त महिला पुलिसकर्मी मोनिका गुप्ता उर्फ मोनिका सोनी को एक बार फिर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

आरोप है कि उसने एक महिला को लैब ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 5 लाख 42 हजार रुपए लिए थे। जब नौकरी नहीं लगी और महिला ने पैसे वापस मांगे तो मोनिका उसे लगातार टालती रही।

मामले में पुलगांव पुलिस ने मोनिका के साथ इसरार खान को भी गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बता दें कि इससे पहले मोनिका सोनी ने 8 तोला सोना चोरी कर अपने पास रख लिया था। इस मामले में उसे सजा हो चुकी है।

  • पुलिस ने बर्खास्त महिला आरक्षक को किया गिरफ्तार।

पहले इसरार ने नगर सेना में नौकरी का झांसा दिया

ग्राम चंदखुरी की किरण चंद्राकर ने पुलिस को बताया कि उनके पति की पहचान इसरार खान से थी। इसरार ने बड़े अधिकारियों से अपनी पहचान होने की बात कहकर किरण को नगर सेना में जॉब लगवाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने किरण से 6 लाख 30 हजार रुपए लिए।

बाद में इसरार ने 50 हजार रुपए वापस कर दिए, लेकिन किरण की नौकरी नहीं लगी। जब उन्होंने बाकी पैसे वापस मांगे तो इसरार ने कहा कि वह अब नौकरी नहीं लगवा पाएगा। इसके बाद उसने किरण की मुलाकात मोनिका गुप्ता से कराई। इसरार ने मोनिका की भी बड़े अधिकारियों से अच्छी पहचान होने की बात कही।

फिर मोनिका ने लैब में नौकरी लगवाने का झांसा दिया

मोनिका ने किरण को भरोसा दिलाया कि वह उसे लैब ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवा देगी। उसने नौकरी लगने के बाद दुर्ग शहर में ट्रांसफर कराने का भी भरोसा दिया। मोनिका की बातों में आकर किरण ने उसे 5 लाख 12 हजार रुपए ऑनलाइन और 30 हजार रुपए नकद, यानी कुल 5 लाख 42 हजार रुपए दे दिए।

पैसे लेने के बाद मोनिका नौकरी लगवाने की बात कहकर लगातार समय टालती रही। परेशान होकर किरण ने पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस टीम ने मोनिका को गिरफ्तार कर लिया।

मोनिका ने चोरी का 9 तोला सोना अपने पास रख लिया था।

पुलिसकर्मी से हवलदार बनी, फिर बर्खास्त हुई मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता का नाम इससे पहले भी पुलिस विभाग से जुड़े कई विवादों में सामने आ चुका है। वह पुलिस विभाग में आरक्षक से हवलदार तक के पद पर काम कर चुकी है। बाद में उसे पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया।

करीब सात महीने पहले सामने आए एक पुराने मामले में मोनिका पर पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद करीब 79 ग्राम यानी लगभग 8 तोला सोने के जेवर और एक सिक्का थाने के मालखाने में जमा नहीं करने का आरोप लगा था।

यह मामला साल 2022 में दुर्ग के सिंधिया नगर में हुई चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने चोरी के आरोपी से सोने के जेवर बरामद किए थे। आरोप था कि मोनिका ने जब्त सोना मालखाने में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया।

बाद में चोरी की पीड़िता कोर्ट के आदेश के बाद जेवर लेने थाने पहुंची तो पता चला कि बरामद सोना मालखाने में जमा ही नहीं किया गया था। इसके बाद मोनिका के खिलाफ सबूत छिपाने और अमानत में खयानत के आरोप में मामला दर्ज किया गया।

मामला दर्ज होने के बाद मोनिका फरार चल रही थी। पुलिस ने उसे 2 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह करीब 9 महीने की गर्भवती थी। इसके कुछ दिन बाद 10 फरवरी 2026 को उसने जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था।

ठगी का मामला भी पहले सामने आया था

मोनिका के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला पहले भी दर्ज हो चुका है। अगस्त 2024 में छावनी थाने में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की शिकायत के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस विभाग ने 2025 में मोनिका को बर्खास्त कर दिया था। अब एक बार फिर उसके खिलाफ नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए लेने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस बार भी मोनिका ने अपनी पहचान और बड़े अधिकारियों से पहुंच होने का भरोसा देकर महिला को नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

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