दुर्ग में छात्रों के प्रदर्शन के बाद CJP एक्टिव:राज्यपाल-मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने, शौचालय-पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के पेंड्रावन और सेलूद में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों के सड़क पर उतरने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी इस मुद्दे को लेकर एक्टिव हो गई है। CJP की ओर से दोनों जगहों पर हुए छात्र प्रदर्शनों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
पेंड्रावन में करीब 400 से 500 छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया। वहीं, सेलूद में करीब 200 छात्र-छात्राओं ने शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर दुर्ग-पाटन मार्ग पर चक्काजाम किया था।







इन घटनाओं के बाद CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है।
पहली मांग: बरसात और स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए 10 दिन के भीतर प्रदेश के सभी स्कूलों का सर्वे कराया जाए। जिन स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं है, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।
दूसरी मांग: हर स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएं। इनमें पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था हो और इन्हें हमेशा उपयोग के लायक रखा जाए। साथ ही बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी साफ करने की मशीनें लगाई जाएं। इसके लिए तत्काल बजट जारी कर काम शुरू करने की मांग की गई है।




तीसरी मांग: सरकार यह सुनिश्चित करे कि एक साल के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल ऐसा न रहे, जहां बच्चों को साफ शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध न हो।

2 स्कूलों के प्रदर्शन ने खोली बड़ी तस्वीर
पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। उनकी मांग थी कि स्कूल में पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक मुहैया कराए जाएं। प्रदर्शन देर रात तक चला। शिक्षा मंत्री से बातचीत और आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। फिलहाल स्कूल में चार शिक्षक और नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।
इसी दिन सुबह दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के करीब 200 छात्र शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतर गए। उनका कहना था कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में उपयोग योग्य शौचालय नहीं हैं। छात्रों ने पहले स्कूल का गेट बंद किया और बाद में मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि ये केवल दो स्कूलों की घटनाएं नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की स्थिति की जांच की जरूरत है।
बच्चों को सड़क पर नहीं, स्कूल में मिलनी चाहिए सुविधा
CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। पेंड्रावन में शिक्षकों की कमी और सेलूद में शौचालय की समस्या सामने आई है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार केवल सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति की जांच कराए।
सीजेपी ने कहा कि विकसित भारत की बात तभी सार्थक होगी, जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साफ पानी, शौचालय और सुरक्षित वातावरण भी मिले। रक्षाबंधन के मौके पर सरकार से की गई यह मांग बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा की रक्षा से जुड़ी है।





