CG में महिला को मृत समझकर पुलिस ने कमरे में ताला लगाया:2 घंटे बाद जिंदा मिली,फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की थी इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई
By Dinesh chourasiya
बेमेतरा के वार्ड नंबर -7 में फांसी लगाकर खुदकुशी की कोशिश करने के मामले में बेमेतरा की महिला की जान बच गई है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। देविका साहू (44) ने वार्ड नंबर 7 स्थित किराए के मकान में फांसी लगाने की कोशिश की थी।







आरोप है कि मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस ने उसे मृत समझकर कमरे में ताला लगा दिया। करीब 2 घंटे बाद ताला खोला गया तो महिला की सांसें चल रही थीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां ICU में भर्ती कराया गया था। अब उसकी हालत में सुधार है।




देविका के पति धनेश्वर साहू किसान हैं और बेरला क्षेत्र के ग्राम भीलौरी के रहने वाले हैं। वह बेमेतरा में तीन बच्चों-2 बेटियों और एक बेटे के साथ रहती थीं। घटना के समय बच्चे स्कूल गए थे। उनके लौटने पर दरवाजा बंद मिला, जिसके बाद मकान मालिक को सूचना दी गई।
महिला के जिंदा मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में चक्काजाम किया था। थाना प्रभारी सोनम ग्वाला ने बताया कि महिला ने आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन उसकी जान बच गई है।
बच्चे स्कूल से लौटे तो दरवाजा बंद मिला
जानकारी के मुताबिक महिला पिछले करीब 10 सालों से किराए के मकान में अपने 3 बच्चों के साथ रह रही है। गुरुवार को घटना के समय तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे महिला ने घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाने की कोशिश की।
स्कूल से लौटे बच्चों ने दरवाजा बंद देखा तो उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची।
महिला को मृत समझकर कमरे में लगा दिया ताला
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची। महिला बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने महिला को मृत समझ लिया। इसके बाद कमरे में ताला लगा दिया गया और पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में लौटने की बात कहकर थाने चले गए।
करीब 2 घंटे बाद पुलिसकर्मी पंचनामा की कार्रवाई के लिए दोबारा मौके पर पहुंचे। जब कमरे का ताला खोला गया तो महिला की सांसें चल रही थीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला कह रही है मुझे मरने दो, मुझे मरने दो।
महिला को तत्काल निजी वाहन से अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे ICU में भर्ती कराया गया था।
जिंदा मिलने के बाद परिजन हुए नाराज
महिला के जिंदा मिलने की जानकारी सामने आने के बाद परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराज हो गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही महिला की स्थिति की ठीक से जांच की होती तो उसे करीब दो घंटे पहले ही अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
परशुराम चौक पर सड़क पर बैठे लोग, किया चक्काजाम
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग कुछ देर के लिए परशुराम चौक पर सड़क पर बैठ गए और रास्ता जाम कर दिया था।






