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स्वाइन फ्लू से MP में महिला की मौत:अब तक 1349 मामले सामने आए; स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक बुलाई

By Dinesh chourasiya

मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। मृतक की पहचान सरोज नागर (60) के रूप में हुई है।

दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार को राजधानी की स्थिति की समीक्षा करेंगे। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इसमें H1N1 के मौजूदा हालात, अस्पतालों की तैयारी, जांच और इलाज की सुविधाओं के साथ बीमारी को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की जाएगी।

मिजोरम में 5 आरोपी गिरफ्तार

मिजोरम के मामित जिला में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग असम से अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से संक्रमित 45 सुअर लेकर आए थे। सुअरों को आइजॉल ले जाया जा रहा था। आरोपी मिजोरम-असम बॉर्डर पर चेकिंग से निकल गए, बाद में इन्हें जामुआंग गांव में पकड़ा गया।

स्वाइन फ्लू क्या है?

स्वाइन फ्लू को आमतौर पर H1N1 फ्लू कहा जाता है। यह इंफ्लूएंजा-A वायरस का एक प्रकार है। यह मुख्य रूप से सांस की नली को प्रभावित करता है। 2009 में H1N1 दुनियाभर में काफी फैला था।

इसके बाद H1N1 इंसानों में फैलने वाले मौसमी फ्लू के वायरस का हिस्सा बन गया। फ्लू ज्यादातर लोगों में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा ज्यादा रहता है।

यह फैलता कैसे है?

H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने और दूषित सतह को छूकर आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

यानी सिर्फ सुअर के संपर्क में आने से ही स्वाइन फ्लू होता है ऐसा नहीं है। आज इंसानों में फैलने वाला H1N1 मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

सबसे बड़ी दिक्कत क्या है?

H1N1 के लक्षण डेंगू, कोविड और दूसरे वायरल संक्रमणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मरीज को H1N1 ही है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।

क्या हर बुखार H1N1 है?

नहीं। बुखार, खांसी और शरीर दर्द होने का मतलब H1N1 होना जरूरी नहीं है। डेंगू, कोविड और दूसरे वायरल संक्रमण में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के खुद से H1N1 मान लेना ठीक नहीं है।

इलाज कैसे होता है?

हर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं होती। हल्के मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार आराम, पर्याप्त पानी और लक्षणों के हिसाब से इलाज किया जाता है।

कुछ मरीजों, खासकर गंभीर बीमारी या ज्यादा जोखिम वाले लोगों में डॉक्टर एंटीवायरल दवा दे सकते हैं। ऐसी दवाएं बीमारी की गंभीरता और अवधि कम करने में मदद कर सकती हैं और इन्हें बीमारी शुरू होने के शुरुआती समय में देना ज्यादा प्रभावी माना जाता है।

एंटीबायोटिक H1N1 का इलाज नहीं है, क्योंकि H1N1 वायरस से होने वाला संक्रमण है। एंटीबायोटिक तभी दी जाती है जब डॉक्टर को साथ में बैक्टीरियल संक्रमण का संदेह हो

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