CJP नेताओं का दावा-सरकार हमें अरेस्ट करने की तैयारी में:अभिजीत दीपके बोले- डरेंगे नहीं; SIR के खिलाफ जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन
By Dinesh chourasiya

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि सरकार 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष, रत्ना और अन्य CJP नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।







CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने लिखा- अमित शाह आखिर कितने लोगों को गिरफ्तार करोगे। प्रदर्शन में पूरा देश आ रहा है। सरकार को लगता है कि UAPA, NSA या जेल की सजा से हम डर जाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो सालों तक जेल में भी रहेंगे।
CJP ने चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है। दिल्ली में पिछले 3 दिनों में लेफ्ट, AAP और छात्र संगठन ने प्रदर्शन किया। वहीं मुंबई में 2 और 4 अक्टूबर को CJP, MNS और शिवसेना ने मार्च निकाला।




4 अक्टूबर: मुंबई में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का प्रदर्शन
3 अक्टूबर: दिल्ली में लेफ्ट, AAP और छात्र संगठनों का प्रदर्श
2 अक्टूबर: मुंबई में CJP का प्रदर्शन, अभिजीत दीपके पहुंचे
सौरव दास बोले- गिरफ्तारी के बाद भी आंदोलन नहीं रुकेगा
सौरव दास- युवा अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और किसी भी तरह की कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार अगर उन्हें गिरफ्तार भी करती है, तो आंदोलन जारी रहेगा। नेता साथ हों या न हों, अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन जारी रखें।
अभिजीत दीपके- BJP उन राज्यों में भी जीत रही है, जहां मोदी लहर के दौरान भी उसे जीत नहीं मिली थी। ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते और SIR जारी रहने तक यह पता नहीं चलेगा कि BJP वास्तव में कितनी सीटें जीत सकती है। अगर चुनाव का नतीजा पहले से तय होने लगे तो चुनाव कराने का कोई मतलब नहीं है।
आशुतोष रांका- सूत्रों के मुताबिक 10 तारीख से पहले हमें कभी भी NSA/दूसरे किसी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन अगर हमें मार भी दिया तो हमारी चिता से निकलने वाली आग तुम्हारे महलों को पिघला देगी।
SIR को लेकर ज्ञानेश और चुनाव आयोग पर सवाल
CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर SIR को लेकर सवालों खड़े हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
दावा है कि कई फैसले और आदेश संधू और जोशी की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद से विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में प्रदर्शन कर रहा है।
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