
एचपीवी टीकाकरण अभियान में बालोद ने रचा नया कीर्तिमान, 46% कवरेज के साथ प्रदेश में तीसरे स्थान पर
स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से मिली बड़ी सफलता, अब 100% टीकाकरण का लक्ष्य








रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)
बालोद, 02 जुलाई 2026
महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में बालोद जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने 46 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज प्राप्त करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत, जनजागरूकता और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग ने मिलकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया। जिले के स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर पालकों को जागरूक किया। वहीं विद्यालयों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि बालोद प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में शामिल हो गया।




ज्ञातव्य हो कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। 09 से 14 वर्ष की बालिकाओं को सही समय पर एचपीवी का टीका लगाए जाने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अत्यंत प्रभावी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के जागरूक पालकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य अमले को दिया है, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि 46 प्रतिशत कवरेज हासिल करना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन अभियान अभी निरंतर जारी है। वर्तमान में माइक्रो प्लानिंग के तहत शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचकर उन्हें भी टीकाकरण से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि बालोद जिला जल्द ही 100 प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।






