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13 मांगों को लेकर बीजेपी ने घेरा चरोदा निगम

By Dinesh chourasiya

नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के घेराव के दौरान मंच पर नेताओं के भाषण के बीच ही भिलाई नगर निगम के भाजपा पार्षद दया सिंह अपने समर्थकों के साथ पुलिस की बैरिकेडिंग की ओर बढ़ गए। भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक बिजेंद्र सिंह और जिला मंत्री मनोज तिवारी ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उनका हाथ पकड़कर वापस लाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन वे समर्थकों के साथ बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। बैरिकेडिंग तोड़कर दया सिंह अपने समर्थकों के साथ चरोदा निगम के गेट तक पहुंच गए।

भाषण के बीच बैरिकेडिंग तोड़ने जा रहे बीजेपी पार्षद को रोकते बीजेपी जिला मंत्री मनोज तिवारी और प्रदेश संयोजक बिजेंद्र सिंह।

कुछ देर बाद जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, जिला प्रभारी रामजी भारती के साथ भिलाई-चरोदा के पार्षद व अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी मंच से उतरकर निगम गेट तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। वहीं इस दौरान स्थानीय पार्षदों में भी काफी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय पार्षदों का कहना है था कि स्थानीय नेताओं की उपेक्षा की गई।

प्रदेश संयोजक बिजेंद्र सिंह लगातार बीजेपी पार्षद दया सिंह को रोकते रहे।
पुलिस बैरिकेडिंग तक बीजेपी पार्षद को समझाने का प्रयास करते प्रदेश संयोजक।
भिलाई बीजेपी मंत्री मनोज तिवारी ने भी रोकने का काफी प्रयास किया।
समर्थकों के साथ सीधे बैरिकेडिंग की तरफ आगे बढ़े बीजेपी पार्षद।

भिलाई नगर में भी बनी थी यही स्थिति इससे पहले भी भिलाई नगर निगम के घेराव के दौरान भी ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया था, जब वरिष्ठ नेताओं का भाषण मंच से चल रहा था, उस वक्त भी बीजेपी पार्षद दया सिंह अपने समर्थकों के साथ निगम की बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए थे। उस वक्त भी मंच से वरिष्ठ नेताओं ने सभी युवा कार्यकर्ताओं को पीछे लौटने की अपील मंच से ही की थी, लेकिन उसके बाद भी कोई वापस नहीं लौटा था। अंत में मंच पर मौजूद नेता बाद में निगम के गेट तक पहुंचे थे।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे।

13 मांगों को लेकर बीजेपी ने घेरा चरोदा निगम मंगलवार को भाजपा ने नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में कथित भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितता और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर एक दिवसीय जंगी धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने दुर्ग कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और 13 प्रमुख मांगों के साथ सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस शासित महापौर परिषद के कार्यकाल में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। लोगों को सड़क, पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। पार्टी ने कहा कि कई योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मंच पर वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।

महापौर पर लगाया कमीशनबाजी का आरोप भिलाई भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि नेताओं ने मंच पर भिलाई चरोदा निगम के महापौर निर्मल कोसरे पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के टेंडर में अनियमितता की जा रही है। गुणवत्ता से समझौता कर काम किए जा रहे हैं और कई मामलों में काम पूरा होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया। बीजेपी ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने निगम क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने, डबरापारा (भिलाई-3) से चरोदा तक स्वीकृत केनाल रोड का निर्माण जल्द शुरू कराने और स्वीकृत राशि के उपयोग की जांच की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसे कई जरूरी काम लंबे समय से अधूरे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।

भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग दुर्ग जिला प्रभारी रामजी भारती ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाने, निगम की आय-व्यय और विकास कार्यों का सोशल ऑडिट कराने तथा सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और अन्य जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। विकास कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।

कब्जा और अ‌वैध प्लाटिंग की भी जांच करने की मांग भाजपा ने सिंचाई विभाग की जमीन पर कथित अवैध कब्जा और प्लॉटिंग के मामले की भी जांच कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि विश्व बैंक कॉलोनी भिलाई-3 से उमदा मुक्तिधाम तक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हुए हैं और इस मामले में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों, कब्जाधारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा ने स्वास्थ्य विभाग और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया कि हर वार्ड में पांच सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था है, लेकिन मौके पर दो या तीन कर्मचारी ही काम करते दिखाई देते हैं। बाकी कर्मचारी सिर्फ रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्टी ने इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

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