मानसून तेलंगाना में 6 दिन से अटका:छत्तीसगढ़ में बारिश के लिए 3-4 दिन, जबकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हफ्तेभर इंतजार करना होगा
By Dinesh chourasiya
मानसून तेलंगाना के भद्राचलम में 6 दिन से अटका हुआ है। इस वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है। यहां कई हिस्सों में गर्मी लौट आई है। वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रोमेट्री टीम के मेंबर डॉ. पंकज कुमार के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 3 से 4 दिन, तो मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री करीब हफ्तेभर बाद हो सकती है।







उनका यह भी कहना है कि इस हफ्ते के अंत तक बारिश की गतिविधियों में सुधार संभव है। मानसून के कमजोर होने की वजह समुद्र में नमी की कमी नहीं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल की हवाओं का असामान्य पैटर्न है। इन हवाओं को जेट स्ट्रीम कहते हैं। ये हवाएं इस बार सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मानसून की गति प्रभावित हो रही हैं।




अरब सागर में भी 8 जून से फंसा मानसून
इधर, अरब सागर से उठ रही मानसूनी हवाएं भी 8 जून से अटकी हुई हैं। इस वजह से देश के अंदर पहुंच चुकीं मानसूनी हवाओं को पुश नहीं मिल पा रहा है। यानी, मानसूनी हवाओं को तेलंगाना से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की तरफ धकेलने के लिए जरूरी प्रेशर नहीं बन रहा है।
सैटेलाइट इमेज में गायब दिखे मानसूनी बादल
15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल गायब दिखाई दिए। एक दिन पहले, यानी 14 जून को भारत का बड़ा हिस्सा बादलों से ढका दिखाई दिया था। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य 53.7 मिमी के मुकाबले सिर्फ 19.2 मिमी बारिश हुई। यानी बारिश में 64% की कमी दर्ज की गई है।
बारिश नहीं, 7 राज्यों में पारा 40°C पार
राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को तापमान 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा 43.4°C उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया।
वहीं एमपी के खजुराहो 42.6°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42°C, ओडिशा के बौध में 42.5°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 41.5°C, बिहार के शेखपुरा में 41.5°C, राजस्थान के फलोदी में 42.8°C दर्ज किया गया।
अगले दो दिन के मौसम का हाल
17 जून:
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
18 जून:
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं।
जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 18-19 जून को मानसून पहुंच सकता है। आज भोपाल, ग्वालियर समेत 30 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में 1 जून से 15 जून के बीच औसत से 29% कम बारिश हुई है। इस दौरान औसत 31.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक सिर्फ 22.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज 7 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में यलो अलर्ट है। सोमवार को चूरू, सीकर, जयपुर और अलवर में आंधी चली। चूरू में रेत के बंवडर से कुछ देर के लिए दिन में अंधेरा छा गया। वहीं, दिल्ली में खराब मौसम के कारण 4 डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया







