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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13-17 जुलाई तक चलेगा, स्कूलों में मंत्र-पाठ और कानून व्यवस्था पर हो सकती है बहस

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी कर दी है। 5 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी, जिनमें प्रश्नोत्तर, शासकीय कार्य और वित्तीय मामलों चर्चा होगी।

पहले 4 दिनों तक प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्य निर्धारित किए गए हैं। वहीं अंतिम दिन 17 जुलाई को प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्यों के साथ गैर-शासकीय कार्य भी लिए जाएंगे। सदन में स्कूलों में मंत्र-पाठ और कानून व्यवस्था पर विपक्ष सरकार को घेर सकती है।

विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी की है।
विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी की है।

योजनाओं का ब्यौरा सदन में रखेगी सरकार

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, बिजली-पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न विभागों में हुए विवादित फैसलों के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार भी अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का ब्यौरा सदन में रखने की तैयारी कर रही है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक सत्र के दौरान वित्तीय कार्यों के साथ अन्य शासकीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे। चूंकि सत्र की अवधि केवल 5 दिन रखी गई है, इसलिए विपक्ष की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग भी उठ सकती है।

स्कूलों में मंत्र-पाठ के मुद्दे पर हो सकती है बहस

सत्र के दौरान स्कूलों में मंत्र-पाठ के आदेश, कानून-व्यवस्था, हसदेव में जंगल कटाई, शराब दुकानों में ओवररेटिंग, किसानों की समस्याएं, नगरीय निकायों के मुद्दे और विभिन्न विभागों में हालिया विवादों को लेकर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर आमने-सामने की स्थिति बन सकती है।

बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य बिल हुआ था पास

इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हुआ था। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

वहीं बजट सत्र के आखिरी दिन सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने वाला बिल पास हुआ। इसके अलावा स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 भी पास कर दिया गया है। परीक्षा गड़बड़ी रोकथाम बिल में अभ्यर्थियों के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं।

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