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CG में अधिकारी के पैर पर  गिरी, महिला तब मिला PM आवास, आदिवासी महिला ने कई बार दिया आवेदन, नहीं मिला घर, तो अधिकारी के पैर छूकर लगाई  गुहार मिल गया पीएम आवास 

By Dinesh Chourasiya

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र दंपती ने आवास के लिए अधिकारी से गुहार लगाई है। कमार जनजाति से आने वाले पति-पत्नी जिला पंचायत CEO के पैर पर गिर पड़े। दंडवत प्रणाम कर प्रधानमंत्री आवास की मांग की।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दंपती का कहना है कि उनके पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है और वे लंबे समय से मकान की मांग कर रहे हैं। कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिल पाया।

वहीं, मदद मांगने के 24 घंटे के अंदर उन्हें आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपए की मंजूरी के साथ-साथ राशन कार्ड और जॉब कार्ड दिया गया। अधिकारी ने खुद उनके घर (झोपड़ी) पहुंचकर यह सुविधा उपलब्ध कराई।

दंपती ने कहा- कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिल पाया।

अब जानिए पूरा मामला

दरअसल, यह घटना शुक्रवार (8 मई) को देवभोग जनपद क्षेत्र के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर की है। यहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे।

इसी दौरान राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र दंपती पवन सिंह और उनकी पत्नी सुकदी बाई भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। दंपती देवभोग विकासखंड के बरही गांव का रहने वाला है।

अधिकारी के सामने दंडवत हुए

शिविर में पति-पत्नी जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के सामने दंडवत प्रणाम करते हुए लेट गए और अधिकारी से खुद के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत घर दिलाने और राशन कार्ड की मांग की।

दंपती का कहना था कि वे लंबे समय से आवास योजना का लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिला है।

अपनी परेशानी बताते हुए दंपती ने सीईओ के पैरों में गिर पड़े और जल्द से जल्द आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। अब यह वीडियो वायरल हो रहा है।

वहीं कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने परिवार की बात सुनी और जांच के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई करने और मदद का भरोसा दिया।

आवेदन के 24 घंटे बाद अधिकारी खुद पहुंचे

वहीं 24 घंटे के अंदर दंपती को सरकारी सहायता मिल गई। उन्हें आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपए की मंजूरी के साथ-साथ राशन कार्ड और जॉब कार्ड भी प्रदान किया गया। अधिकारी खुद उनके घर यह सुविधा देने पहुंचे।

शनिवार दोपहर को जनपद सीईओ बी.के. भगत और कार्यक्रम अधिकारी शिव कुमार नारंगे, सुकलीभाठा नवीन पंचायत के आश्रित ग्राम बरही स्थित पवन की झोपड़ी पहुंचे। उन्होंने दंपती को जीरामजी योजना का जॉब कार्ड और राशन कार्ड दिया।

सीईओ भगत ने बताया कि पवन सिंह कमार जनजाति से हैं, इसलिए उनका नाम प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जारी सर्वे में भी जोड़ा गया है। आने वाले 2-3 दिनों में उन्हें आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपए की मंजूरी दे दी जाएगी।

परिवार के मुखिया का बैंक खाता भी खोल दिया गया है और ग्राम पंचायत को परिवार को सभी प्रकार की योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 साल पहले परिवार कर गया था पलायन

जानकारी के मुताबिक, पवन सिंह का परिवार करीब 15 साल पहले देवभोग विकासखंड के बरही गांव से पलायन कर गया था। पहले वे यहीं रहते थे और उन्हें ग्राम पंचायत की ओर से एक कच्चा ईंट का मकान भी मिला हुआ था।

उनके पास 2 एकड़ से ज्यादा जमीन भी थी, जिस पर वे खेती करते थे, लेकिन मेहनत के बाद भी घर का गुजारा ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से वे पड़ोसी क्षेत्र नवरंगपुर के जंगलों में जाकर बस गए थे।

बाद में हालात बदले और खेती से थोड़ी आमदनी बढ़ने लगी, तो करीब एक महीने पहले यह परिवार वापस अपने गांव लौट आया। लौटने के बाद उन्होंने पंचायत से मदद और आवास की मांग की, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने के कारण उन्हें तुरंत लाभ नहीं मिल पाया।

इसके बाद परिवार को सुशासन तिहार शिविर के बारे में पता चला। वे वहां पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। बताया जा रहा है कि इसके बाद उनकी समस्या पर तेजी से कार्रवाई हुई और 24 घंटे के भीतर मदद मिल गई।

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