जमीन-बंटवारे के एवज में पटवारी ने ली 45 हजार रिश्वत: अहिवारा पटवारी सस्पेंड
By Dinesh chourasiya








दुर्ग जिले में जमीन बंटवारे के काम के बदले पैसे लेने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने पर जिला प्रशासन ने जांच के बाद पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। मामला भिलाई-3 के अहिवारा तहसील का है। यहां पदस्थ पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर पर जमीन बंटवारे के एवज में 45 हजार रुपए लेने का आरोप लगा है।
वायरल वीडियो में पैसों के लेन-देन की बात सामने आने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने भिलाई-3 के एसडीएम महेश सिंह राजपूत को तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
तहसीलदार ने की वायरल वीडियो की जांच




तहसीलदार अहिवारा ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान पक्षकार अमन कुमार टंडन, भूमिस्वामी उत्तम टंडन और संबंधित पटवारी के बयान दर्ज किए गए। पूछताछ में पक्षकारों ने बताया कि जमीन बंटवारे का काम कराने के लिए पटवारी को 45 हजार रुपए दिए गए थे।
पटवारी ने बयान में स्वीकारी रिश्वत लेने की बात
जांच में यह भी सामने आया कि, पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर ने अपने बयान में पैसे लेने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि पक्षकार की माता से रकम ली थी। वायरल वीडियो में भी वेतन मिलने के बाद पैसे वापस करने की बात कही गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने इसे गंभीर मामला माना।
एसडीएम महेश सिंह राजपूत ने बताया कि, पटवारी का यह व्यवहार सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों के खिलाफ है। इसे ड्यूटी में लापरवाही और गलत आचरण की श्रेणी में रखा गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से पटवारी को निलंबित कर दिया गया।
तहसील कार्यालय में किया अटैच
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय अहिवारा तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी काम के बदले पैसे लेने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े कामों में लंबे समय से पैसों की शिकायतें आती रही हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करने की मांग की है।




