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CG में पत्रकार को कुल्हाड़ी से काटा सिर पर ढाई इंच गड्ढा सेप्टिक-टैंक में लाश डालकर कर दी ढलाई, बीजापुर NH पर 4 घंटे से पत्रकारों का चक्काजाम

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर का पहले गला घोंटा गया। बाद में सिर पर कुल्हाड़ी मारी। इस हमले से मुकेश के सिर पर ढाई इंच गड्ढा हो गया। हत्या के बाद मुकेश की लाश बैडमिंटन कोर्ट कैंपस में बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और टैंक को 4 इंच कंक्रीट से ढलाई करके पैक कर दिया गया।

बीजापुर में हुई इस हत्या के बाद पत्रकारों में आक्रोश है। उन्होंने बीजापुर नेशनल हाइवे-63 पर चक्काजाम कर दिया है, जो करीब 4 घंटे से जारी है।

वहीं, पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 आरोपी हिरासत में हैं। रिश्तेदार सुरेश चंद्राकर भी संदेह के घेरे में है।

शनिवार को पत्रकारों ने हत्या के विरोध में नेशनल हाईवे-63 पर चक्का जाम कर दिया।

अब जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 1 जनवरी 2025 को शाम 7 बजे से मुकेश चंद्राकर घर से लापता हुए थे। अगले दिन 2 जनवरी को उनके भाई युकेश चंद्राकर ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस लगातार मुकेश के फोन को ट्रेस कर रही थी। फोन बंद होने की वजह से अंतिम लोकेशन घर के आस-पास का ही दिखा रहा था।

CCTV फुटेज भी खंगाले गए, जिसमें अंतिम बार मुकेश टी-शर्ट और शॉर्ट्स में दिखे। वहीं पत्रकारों ने भी अलग-अलग जगह पता किया। Gmail लोकेशन के माध्यम से लोकेशन ट्रेस किया गया, जिसमें मुकेश का अंतिम लोकेशन बीजापुर जिला मुख्यालय के चट्टानपारा में होना पाया गया।

ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के कोर्ट परिसर पहुंची पुलिस

यहीं पर मुकेश के रिश्तेदार (भाई) और ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर का बैडमिंटन कोर्ट परिसर है। मुकेश के सगे भाई यूकेश समेत अन्य पत्रकारों ने इसकी जानकारी बीजापुर जिले के SP जितेंद्र यादव और बस्तर के IG सुंदरराज पी को दी। पुलिस की टीम को भी उस इलाके में पहुंची।

रिश्तेदार (भाई) के बैडमिंटन कोर्ट परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक में मिली मुकेश की लाश।

टैंक पर कंक्रीट का मोटा स्लैब डाला

इस दौरान कुछ पत्रकारों की नजर सेप्टिक टैंक पर गई। टैंक पर कंक्रीट का मोटा स्लैब डाला गया था, लेकिन उसमें एक भी चेंबर नहीं रखा था। अमूमन टैंक की सफाई के लिए एक हिस्से में चैंबर बनाया जाता है। यहां टैंक पूरी तरह से जब पैक दिखा तो शक हुआ।

पुलिस से टैंक तोड़वाने की मांग की गई। टैंक तोड़ते ही पानी में मुकेश की लाश मिली। शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए शव को अस्पताल भिजवाया गया।

संदेह के दायरे में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर

हत्याकांड में पुलिस के संदेह के दायरे में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और सुरेश के भाई रितेश चंद्राकर हैं। कुछ दिन पहले मुकेश ने करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क की खस्ता हाल की खबर बनाई थी।

बताया जा रहा है कि, यह काम सुरेश चंद्राकर का ही था, जिसके बाद से इनके बीच कुछ विवाद भी हुआ था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही हत्यारे और हत्या की वजह स्पष्ट हो पाएगी।

इसी सेप्टिक टैंक में शव को डाला गया था। ऊपर से ढलाई की गई थी।

सीएम साय ने जताया दुख

सीएम विष्णुदेव साय ने पत्रकार मुकेश की हत्या पर शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा बीजापुर के युवा और समर्पित पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का समाचार अत्यंत दु:खद और हृदयविदारक है। मुकेश जी का जाना पत्रकारिता जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

इस घटना के अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने के निर्देश हमने दिए हैं।

सरकार को आर्थिक सहायता, नौकरी पर भी निर्णय लेना चाहिए- भूपेश

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फेसबुक पर लिखा कि, मुझे आज भी वो दिन याद है, जब नक्सलियों के कब्जे से कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों के चंगुल से रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम मुख्यमंत्री निवास रायपुर में मुझसे भेंट करने आई थी।

साहसी पत्रकार मुकेश चंद्राकर उस मध्यस्थ टीम के प्रमुख सदस्य थे। उनके साहस के लिए मैंने उनकी पीठ थपथपाई थी। मुकेश के साथ जो हुआ है, वो बेहद दुर्भाग्यजनक है। सिर्फ शब्दों से निंदा कर देने से क्षति और असुरक्षा का समाधान नहीं हो सकता। ना ही इस विषय पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करना चाहूंगा।

सरकार से अनुरोध है कि त्वरित जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और ऐसी नज़ीर पेश हो कि अपराधियों में संदेश जाए। साथ ही मुकेश के परिवार का ध्यान रखने के लिए सरकार को आर्थिक सहायता, नौकरी पर भी निर्णय लेना चाहिए। साहसी पत्रकार मुकेश चंद्राकर को हम सब छत्तीसगढ़वासियों की विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उनके परिवार को हिम्मत दे। ॐ शांति:

बैज बोले- BJP सरकार में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं

हत्या की खबर मिलते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपना बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि, भाजपा की सरकार में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था अब असहनीय हो चुकी है। राजधानी से शुरू हुआ हत्याओं का खौफनाक मंजर अब बस्तर तक पहुंच चुका है। एक पत्रकार की हत्या हो गई है।

BJP ने बैज के साथ वाली जारी की संदिग्ध की तस्वीर

X पर BJP छत्तीसगढ़ के पेज से कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की गई है। भाजपा ने लिखा कि, कांट्रेक्टर है या कांग्रेसी कॉन्ट्रैक्ट किलर ? मुकेश की हत्या का मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की PCC चीफ दीपक बैज से घनिष्ठता जगजाहिर है। बैज ने ही उसे SC मोर्चा के प्रदेश सचिव के पद से नवाजा है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि, 120 करोड़ की लागत से नेलशनार, कुडोली, मिरतुर की सड़क बनी है। करीब 5 से 6 दिन पहले मुकेश ने रायपुर से आए अपने एक साथी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का मामला उजागर किया था। इसी बात से ठेकेदार और उसके परिवार के सदस्य इनसे खफा थे। इनसे बार-बार कॉन्टैक्ट करने की कोशिश कर रहे थे।

SP बोले- जांच जारी

इस मामले को लेकर बीजापुर SP जितेंद्र यादव ने कहा कि, हत्या के संबंध में हमारी जांच जारी है। जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मंत्री केदार कश्यप ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि दी।

मंत्री केदार कश्यप ने मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि दी

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने सुबह बीजापुर पहुंचकर दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि दी। उनके परिजनों को ढांढस बंधाया। पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या से मन व्यथित है। भारी मन से उनके परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया। सरकार मुकेश के परिवार के साथ खड़ी है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।

बिलासपुर में पत्रकार के हत्यारे को CBI भी नहीं ढूंढ पाई

बिलासपुर के वरिष्ठ पत्रकार सुशील पाठक की अज्ञात हमलावरों ने 19 दिसंबर 2010 की रात गोली मारकर हत्या कर दी थी। पहले पुलिस ने इस केस को दबाने के लिए बादल खान नाम के युवक को गिरफ्तार किया।

इसके बाद जब विरोध-प्रदर्शन हुआ तो तत्कालीन एसपी जयंत थोरात को हटा दिया गया। एक साल तक पुलिस इस मामले की जांच करती रही, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं मिला। इसके बाद CBI से जांच कराई गई, लेकिन CBI भी हत्यारों को पकड़ नहीं पाई और क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी गई।

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