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SSP दुर्ग के सख्त निर्देश, CCTNS सिस्टम होगा ऑनलाइन:डेटा एंट्री में लापरवाही पर होगी कार्यवाही थाना स्तर से जिला स्तर तक होगी कड़ी मॉनिटरिंग

By Dinesh chourasiya

दुर्ग पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग को प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दुर्ग ने जिले के सभी थानों में पदस्थ CCTNS ऑपरेटरों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

यह समीक्षा बैठक 11 जनवरी 2026 को पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई के सभागृह में आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी थाना स्तर के CCTNS ऑपरेटर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 से सभी पुलिस प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, समयबद्ध और डिजिटल करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने थाना स्तर पर एफआईआर, चार्जशीट और केस डायरी की त्वरित एंट्री सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इसका उद्देश्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी को रोकना है। एसएसपी ने CCTNS में IIF फॉर्म और गैर-एफआईआर प्रकरणों, जैसे गुम इंसान, मर्ग, शिकायत, फैना, एमएलसी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की समयबद्ध डेटा एंट्री को अनिवार्य बताया।

डेटा एंट्री में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी

उन्होंने चेतावनी दी कि डेटा एंट्री में लापरवाही या देरी की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी। थाना स्तर पर निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और जिला स्तर पर ‘एग्रीगेट मॉनिटरिंग’ के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी।

बैठक में ‘मेडलीपीआर’ (MedLeaPR) पोर्टल के माध्यम से एमएलआर (MLR) और पीएमआर (PMR) रिपोर्ट डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अतिरिक्त, ई-एफएसएल (e-FSL) के माध्यम से नमूने ऑनलाइन भेजने और परीक्षण रिपोर्ट डिजिटल रूप से प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी अनिवार्य किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य जांच प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति लाना है।

ई-अभियोजन प्रणाली के तहत, स्वीकृति मिलते ही ई-चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत करने, ई-समंस की समय पर तामील और IIF-6 डेटा एंट्री को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीकी देरी से पुलिस की छवि प्रभावित होती है, इसलिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

महिला अपराधों की विशेष मॉनिटरिंग

ITSSO पोर्टल के माध्यम से महिलाओं से संबंधित अपराधों की निगरानी और समय-सीमा में चालान पेश करने पर विशेष निर्देश दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिला अपराधों में संवेदनशीलता के साथ-साथ तकनीकी तत्परता भी जरूरी है।

सिटिजन पोर्टल सेवाओं में तेजी

सिटिजन पोर्टल पर FIR समय-सीमा में पब्लिश करने, चरित्र सत्यापन और नागरिक सेवाओं से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को त्वरित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिला स्तर पर Aggregate Monitoring और थाना स्तर पर अनुपालन की सख्त व्यवस्था लागू करने की बात कही गई।

प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण, समस्याओं का समाधान

बैठक के दौरान CCTNS कार्यालय से आरक्षक काशी बरेठ द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ऑपरेटरों की तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया। Server–Client Model अपनाकर डेटा एंट्री को तेज और समय पर पूर्ण करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा कि अब दुर्ग पुलिस “Server–Client Model” के तहत तेज, पारदर्शी और जवाबदेह डिजिटल पुलिसिंग की ओर बढ़ेगी, जिसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

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