पाकिस्तानी टीम अपनी मैच फीस आतंकवादियों के परिवार को देगी? कप्तान सलमान अली आगा के ऐलान के बाद खेल जगत में हड़कंप
By Dinesh chourasiya








नई दिल्ली: एशिया कप 2025 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता अपने नाम कर ली है। भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में तीसरी बार पाकिस्तानी टीम को हराया है। वहीं, इस जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव ने अपनी मैच फीस को सेना के जवानों के नाम कर दी है। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तानी टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने भी हार के बाद ऐसा ऐलान कर दिया है कि खेल जगत में हड़कंप मच गया है।
दरअसल एशिया कप 2025 के फाइनल में मिली हार के बाद सलमान अली आगा ने कहा- हम (पूरा टीम) अपनी पूरी मैच फीस उन सभी नागरिकों और बच्चों को दान करना चाहते हैं जो हाल की भारत की हमलों में मारे गए। ऐसे में आगा के इस बयान से सवाल उठा। क्योंकि इस बयान का सीधा मतलब है कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भी आतंकवादियों के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि पाकिस्तान की सरपरस्ती में ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें 100 आतंकी मारे गए थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10-14 सदस्यों के मारे जाने की खबरें थीं। भारत की कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ पंजाब का वहावलपुर भी शामिल था।
यानी एक बात तो साफ है कि पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा अपनी मैच फीस से मसूद अजहर की फैमिली को मदद करना चाहते हैं। वहीं उनका इरादा और भी आतंकी परिवारों की मदद करने का है। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने एशिया कप हार के बाद मिमियान लेगे। उन्होंने कहा भारत ने जो हमारे साथ किया (हैंडशेक नहीं किया, मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी नहीं ली), वह केवल हमारी बेइज्जती नहीं है बल्कि क्रिकेट खेल का भी अपमान है। अगर दूसरी टीमें भी ऐसा करना शुरू कर दें तो इसकी सीमा कहां होगी, यह कब रुकेगा? क्रिकेटर रोल मॉडल होते हैं, बच्चे इस तरह का व्यवहार देखकर क्या सीखेंगे? इस टूर्नामेंट में जो कुछ भी हुआ वह बहुत ही खराब था।




जब उनसे पूछा गया कि आपने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों स्किप की और आपके अध्यक्ष ने राजनीतिक बयान क्यों ट्वीट किया। आप मुझे बताइए, इसे किसने शुरू किया? क्या हैंडशेक से इनकार करना सही था? क्या एसीसी अध्यक्ष नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करना (जो प्रोटोकॉल है) सही था? यह सवाल आपको उस टीम से पूछना चाहिए जिसने इसे शुरू किया।
वहीं भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा व्यक्तिगत तौर पर इस टूर्नामेंट (सभी मैचों) की अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना को देना चाहता हूं। एशिया कप की ट्रॉफी भारत को ना मिलने पर भी सूर्या का रिएक्शन सामने आया। उन्होंने कहा- हमने एक टीम के तौर पर तय किया था कि हम ट्रॉफी (मोहसिन नकवी से) नहीं लेंगे। किसी ने हमें ऐसा करने के लिए नहीं कहा था, लेकिन मेरा मानना है कि जो टीम टूर्नामेंट जीतती है, वह ट्रॉफी पाने की हकदार होती है।




