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दुर्ग में साथ जिए साथ मरे बच्चे हुए अनाथ:दुर्ग में आर्थिक तंगी के चलते पेंटर पति ने की आत्महत्या, 12 घंटे बाद पत्नी की भी मौत

By Dinesh chourasiya

पति-पत्नी का रिश्ता सिर्फ़ सात वचनों का बंधन नहीं, बल्कि जीवन भर का साथ होता है। यह रिश्ता जब हालात और मजबूरियों से टकराता है, तो कभी-कभी मरते दम तक भी साथ निभाता है।  दुर्ग जिले में कुछ ऐसा ही हुआ है। पति की मौत के दूसरे दिन पत्नी ने भी दम तोड़ दिया।

दरअसल, सिकोला बस्ती जैतखाम के रहने वाले तिलक कुर्रे (50) पेंटर थे। उनकी पत्नी शीतल (40) मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करती थी। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उनका बड़ा बेटा (24) मारपीट के एक केस में 15 दिन से जेल में है। छोटा बेटा (17) किसी तरह घर का खर्च चला रहा था।

पत्नी को थी आंत की बीमारी

इसी बीच शीतल को आंत की बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसका बड़ा ऑपरेशन हुआ, जिसमें 10 यूनिट खून चढ़ाया गया। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन अस्पताल के खर्च ने परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब कर दी।

पति ने लगाई फांसी

वार्ड पूर्व पार्षद उषा ठाकुर के अनुसार, घर की बिजली कट चुकी थी। पूरी जिम्मेदारी नाबालिग बेटे पर आ गई थी। इन परिस्थितियों से टूटकर 31 अगस्त को शाम 4 बजे तिलक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन परिवार ने शीतल को पति की मौत की खबर नहीं दी।

डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद 1 सितंबर की सुबह 5 बजे शीतल ने भी दम तोड़ दिया।

दूसरे दिन पत्नी की भी मौत

लेकिन संयोग से एक घंटे बाद ही अस्पताल में शीतल की भी हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद 1 सितंबर की सुबह 5 बजे शीतल ने भी दम तोड़ दिया। अब उनके दोनों बच्चे अकेले हैं। एक जेल में है और दूसरा नाबालिग है। मोहल्ले वाले कहते हैं कि, यह दंपती जीवनभर साथ रहा और मौत भी उन्हें ज्यादा देर अलग नहीं रख सकी।

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