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रायपुर व दुर्ग में बिजली चोरी की FIR, स्मार्ट मीटर में भी सेंध. एक उपभोक्ता पर ढाई लाख का जुर्माना

By Dinesh chourasiya

सप्लाई के सिस्टम में सुधार और बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनी लगातार मीटर व्यवस्था बदल रही है। इसी कड़ी में कंपनी स्मार्ट प्रीपेड मोड में मीटर लगा रही है। इससे उपभोक्ता बिजली के लिए भी मोबाइल की तरह रिचार्ज करेगा। हालांकि बिजली चोरी रोकने के तमाम दावों के बीच इस व्यवस्था में खामियां उजागर होने लगी हैं।

राजधानी में अब तक तीन मामले पकड़े जा चुके हैं, जिसमें प्रीपेड मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी की जा रही है। एक मामला दुर्ग जिले में भी सामने आया है। वहां बेमेतरा में स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बिजली चोरी का पहला प्रकरण दर्ज किया गया। उस पर करीब ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

रायपुर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर में चोरी का पहला मामला जुलाई में दर्ज हुआ। ब्राह्मणपारा में एक उपभोक्ता के घर प्रीपेड मीटर की सील तोड़कर सर्किट से छेड़छाड़ की गई थी। दूसरा मामला बैरनबाजार और तीसरा खमतराई में सामने आया। जांच के बाद बिजली के कनेक्शन काटे गए और उपभोक्ता के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

दुर्ग रीजन में विजिलेंस की जांच में छेड़छाड़ का मामला साबित

दुर्ग जिले के बेमेतरा में उपभोक्ता जयशंकर पुरी गोसाई ने खपत कम दर्शाने के लिए मीटर के तीनों फेस को कॉपर वायर से शॉर्ट कर दिया था। ईई विजिलेंस एसके महादुले ने बताया कि मीटर में छेड़छाड़ की जानकारी बिजली कंपनी के रायपुर सर्वर से मिली, जिसने दुर्ग रीजन के विजिलेंस टीम को सूचना दी। टीम ने मौके पर जाकर मीटर की जांच की।

पाया गया कि मीटर की सील टूटी है। इसके बाद मीटर को जब्त कर प्रदेश की सेंट्रल टेस्टिंग लैब ले जाया गया। वहां उपभोक्ता, मीटर लगाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि, विजिलेंस टीम की मौजदूगी में लैब के अधिकारियों ने मीटर को खोला। मीटर में आर, वाई और ई फेस के इनकमिंग और आउटगोइंग को न्यूट्रल करने के लिए तीनों फेस को कॉपर वायर से शॉर्ट कर दिया गया।

साथ ही कंट्रोलर को भी काट दिया गया था। इस तरह मीटर में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर उपभोक्ता को 2.46 लाख का जुर्माना भरने का नोटिस दिया गया है।

प्रीपेड मीटर में चिप लगाकर भी चोरी विशेषज्ञ का कहना है कि चिप लगाकर और अल्ट्रासोनिक बाइंडिंग सील काटकर बाइपास की जा सकती है। ऐसा करना आम मिस्त्री के लिए संभव नहीं है। दूसरे राज्यों में प्रीपेड मीटर से ऐसे ही बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं। पटना में 1200 मामले सामने आए हैं। वहां चिप लगाकर और अल्ट्रासोनिक बाइंडिंग सील काटकर बाईपास करते पकड़े गए हैं। रायपुर में अभी प्रीपेड सिस्टम शुरू न होने से बाइपास करना आसान है।

निगरानी सिस्टम से बचना आसान नहीं स्मार्ट मीटर की निगरानी के लिए रायपुर में कंट्रोल रूम बना है, जहां मीटर से छेड़छाड़ की पहली जानकारी मिलती है। तीनों मामलों में विजिलेंस ने मौके पर उपभोक्ता के सामने मीटर की जांच कर चोरी पकड़ी। अफसरों का कहना है कि बिल पोस्टपेड सिस्टम पर ही चल रहा है। प्रीपेड व पुराने स्मार्ट मीटर में ज्यादा अंतर नहीं हैं। प्रीपेड मीटर में सिर्फ एक सॉफ्टवेयर डाला गया है। इसे जब एक्टिव किया जाएगा, तब मीटर प्रीपेड मोड पर आ जाएगा।

अभी पोस्टपेड मोड पर चल रहे मीटर

स्मार्ट प्रीपेड मीटर अभी पोस्टपेड मोड पर चल रहे हैं। जल्द ही प्रीपेड सिस्टम चालू होगा। इसमें बिजली चोरी मुश्किल है। हमारी कंट्रोल सेल सभी मीटर पर निगरानी रख रही है। बिजली चोरी छिप नहीं सकती। विजिलेंस की टीम मौके पर जाकर कार्रवाई कर रही है। -भीम सिंह कंवर, एमडी, पावर वितरण कंपनी

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