दुर्ग में धर्मांतरण को लेकर हिंदू संगठनों का बवाल घर को घेरा, हनुमान चालीसा का किया पाठ; हिरासत में 97 लोग
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के अमलेश्वर क्षेत्र में धर्मांतरण के मुद्दे पर हिंदू संगठनों ने जमकर बवाल किया। उन्होंने एक विशेष समुदाय के लोगों पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए उनके घर को घेर लिया। बाद में अमलेश्वर पुलिस ने इस मामले में 97 लोगों को हिरासत में लिया है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
अमलेश्वर पुलिस के मुताबिक उन्हें रविवार दोपहर सूचना मिली थी कि वहां एक घर को हिंदू संगठनों के लोगों ने घेर लिया है और जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस जब वहां पहुंची तो लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि घर के अंदर ज्यादा से अधिक लोग हैं। उस घर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है और गलत तरीके से भोले भाले गरीब लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है।







अधिकारी में मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला को दी गई। उन्होंने तुरंत बड़ी संख्या में पुलिस बल को वहां भेजा। देखते ही देखते वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हो गया। पुलिस बल पहुंचने के बाद भी हिंदू संगठन के लोग वहां से हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात पर काबू पाने के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचे।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने हिंदू संगठनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वो लोग उग्र प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने आनन-फानन में धर्म सभा आयोजन होने वाले घर से 97 लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ जारी है। खबर लिखे जाने तक स्थिति सामान्य हो गई है।




यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार जिस घर में विशेष धर्म सभा का आयोजन किया जा रहा था वह घर किसी विनय कुमार साव का बताया जा रहा है। हिंदू संगठनों के लोगों ने पुलिस को बताया कि घर में कई लोगों के होने की खबर है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर के अंदर जाकर जांच और वहां से 97 लोगों को हिरासत में लिया।
बजरंग दल के लोगों ने पढ़ा हनुमान चालीसा
धर्मांतरण का विरोध करने पहुंचे बजरंग दल के लोगों ने घर को घेर लिया और वहीं पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। बजरंगियों के विरोध और रोष को देखकर सभी लोग घर के अंदर ही दुबके रहे। बाद में जब पुलिस पहुंची तो उन्हें हिरासत में लेकर बाहर निकाला।




