भिलाई में बच्ची से लैंगिक छेड़छाड़ मामले की जांच करेगी बालोद बेमेतरा पुलिस : दुर्ग रेंज आईजी राम गोपाल गर्ग ने मामले में जांच के दिए आदेश, बनाई गई नई टीम
By Dinesh chourasiya

भिलाई में संचालित एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में 5 साल की छात्रा के साथ हुए लैंगिक छेड़छाड़ के मामले में नया मोड़ आ गया है। दुर्ग पुलिस जहां इस मामले झूठा बता रही हैं, वहीं दुर्ग आईजी राम गोपाल गर्ग ने इसकी जांच के लिए एक नई टीम गठित कर दी है। उन्होंने इसके लिए नई जांच टीम बनाई है, जिसमें बेमेतरा और बालोद जिले के अधिकारियों को रखा गया है।







आईजी के इस आदेश के बाद दुर्ग पुलिस के दावे पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक तरफ इस मामले को दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि परिजन खुद यह कह रहे हैं कि उनकी बच्ची के साथ कोई घटना नहीं हुई है। इसके बाद भी दुर्ग पुलिस ने मामले के दो महीने बाद परिजनों द्वारा दिए गए टीसी के आवेदन के आधार पर पास्को एक की धारा 8 के तहत महिला थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरी तरफ बढ़ते राजनीतिक प्रोपोगंडा और दूसरे अभिभावकों के आक्रोश को देखते हुए दुर्ग आईजी राम गोपाल गर्ग ने खुद इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले की नए सिरे से जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए एक अलग से टीम गठित की गई है। इस टीम में बालोद और बेमेतरा जिले के एएसपी और टीआई रैंक के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने फिर से लिए हैं परिजनों के बयान




पुलिस ने पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद बच्ची के परिजनों को बयान के लिए बुलाया था। इस पर परिजनों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई की वो इस मामले में कोई जांच नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि उनकी बच्ची के साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने उनके टीसी आवेदन में लिखे शब्द का हवाला देते हुए मामला दर्ज करने की बात कही। इससे साफ होता है कि पुलिस राजनीतिक और लोगों के लगातार विरोध के दबाव में थी। जिसके चलते यह मामला दर्ज किया गया है।
डॉक्टर रिपोर्ट में भी लैंगिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं
यह मामला दो महीने पहले जब संज्ञान में आया था और बच्ची की तबीयत कुछ बिगड़ी थी तो परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर से जांच करवाई थी। उस डाक्टरी जांच में भी लैंगिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) की पुष्टि हुई थी। डॉक्टर का कहना है छोटी बच्चियों में इस तरह के इंफेक्शन कई बार होते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भी मामले को लेकर बुलाई थी पीसी
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दुर्ग पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दुर्ग एसपी को गुंडा तक बताया और बाद में इसे लेकर एक प्रेसवार्ता भी बुलाई थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से सरकार की भी छीछालेदर हो रही थी। इसीलिए पुलिस ने मामला दर्ज कर एक फिर से जांच में लिया है।
यह है पूरा मामला
बीते पांच जुलाई को भिलाई के निजी स्कूल में नर्सरी की पांच वर्षीय छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी। उसे पेशाब में जलन, दर्द हो रहा था। इसके बाद ये बात उठी कि बच्ची से लैंगिक छेड़छाड़ हुआ है। लोगों ने स्कूल की एक आया पर आरोप लगाया था। जब डाक्टरों ने जांच में लैंगिक छेड़छाड़ नहीं, बल्कि यूटीआई इंफेक्शन लिखा तो मामला और उछला। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इसपर स्वतः संज्ञान लिया और इसकी जांच कराई। पुलिस की जांच में बच्ची के साथ लैंगिक छेड़छाड़ जैसी कोई बात नहीं पाई थी।




