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राष्ट्रपति ने दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाईं:बोर्ड-पैनल बनाने के साथ नियुक्ति भी कर सकेंगे; पहले दिल्ली सरकार के पास अधिकार था

By Dinesh chourasiya

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना हैं। उन्होंने 26 मई 2022 को 22वें उपराज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) की शक्तियां बढ़ा दी हैं। अब LG राजधानी में अथॉरिटी, बोर्ड, कमीशन या वैधानिक निकाय का गठन कर सकेंगे। इसके अलावा वे इन सभी बॉडीज में मेंबर्स की नियुक्ति भी कर सकेंगे।

इससे पहले यह अधिकार दिल्ली सरकार के पास थे। गृह मंत्रालय ने मंगलवार (3 सितंबर) देर रात LG की शक्तियां बढ़ाने से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 के तहत लिया गया है।

गृह मंत्रालय के अपर सचिव आशुतोष अग्निहोत्री ने 3 सितंबर की रात अधिसूचना जारी की।

LG की पावर बढ़ते ही पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए
केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 वार्ड समितियों के चुनाव आज ही होंगे। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर MCD के आयुक्त अश्वनी कुमार ने सभी वार्ड समितियों के चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दिए। उन्होंने MCD के सभी जोन के उपायुक्तों को पीठासीन अधिकारी बनाया है।

इससे पहले मेयर शैली ओबेरॉय ने वार्ड समितियों की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने से इनकार कर दिया था। इस बीच केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार दे दिया।

दरअसल, चुनाव कराने के लिए 30 अगस्त को नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया खत्म हुई थी। MCD कमिश्नर अश्विनी कुमार ने पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के लिए फाइल भेजी थी, लेकिन मेयर शैली ओबेरॉय ने नियुक्ति करने से इनकार कर दिया था।

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