छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को मिलेगी 7वें वेतनमान की किस्त:फरवरी से जून 2018 तक की बकाया राशि दी जाएगी; निकायों में बनेगी हाईटेक लाइब्रेरी

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के अटके हुए वेतन का मसला सुलझाने सरकार ने आदेश दिया है। सबसे पहले निगम, मंडल, आयोग, अर्धशासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन से जुड़ा आदेश जारी किया गया है

इन कर्मचारियों के 7वें वेतनमान की अंतिम किस्त की राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसकी मंजूरी दी है। अब कर्मचारियों को फरवरी 2018 से जून 2018 तक की अवधि के बकाया राशि के भुगतान किए जाएंगे। प्रदेश सरकार कुछ खास प्रोजेक्ट भी शुरू करने जा रही है। क्या हैं वो प्रोजेक्ट्स पढ़िए इस रिपोर्ट में…

कैबिनेट बैठक अगले सप्ताह

अब राज्य में सरकारी स्तर पर कार्यक्रम फिर से शुरू हो जाएंगे। मंत्री सरकारी गाड़ियों से घूम सकेंगे। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। कैबिनेट की भी बैठक होगी। मंत्री क्षेत्र का दौरा भी कर सकेंगे। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह साय कैबिनेट की बैठक हो सकती है। इसमें कृ़षि, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सेक्टर से जुड़े मामलों पर सरकार निर्देश जारी कर सकती है।

छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहे यह प्रोजेक्ट

  • शक्तिपीठों का विकास

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 9 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया था। तब उन्होंने कहा था कि, रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़ रुपए बजट है। साथ ही, शक्तिपीठ योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का बजट है।

पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों को रोजगार

साय सरकार इन प्रोजेक्ट्स को “पर्यटन भी रोजगार भी’ थीम पर लेकर आ रही है। इन सेक्टर्स में सड़कें और यात्रियों की सुविधाओं के लिए सेंटर्स बनाए जाएंगे। सरकारी रेस्ट हाउस डेवलप किए जा रहे हैं। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

प्रदेश के 5 शक्तिपीठ को जोड़कर एक हजार किलोमीटर का सर्किट तैयार किया जाएगा। इन पांच जगहों में पांच प्रमुख शक्तिपीठ रतनपुर में महामाया, चंद्रपुर में चंद्रहासनी, डोंगरगढ़ में बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी देवी और अंबिकापुर में महामाया शामिल है।

  • हाईटेक लाइब्रेरी प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति लाने की थीम पर सरकार काम करने जा रही है। रायपुर के नालंदा परिसर की तरह प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी शुरू की जाएगी। यहां बच्चों को सिविल सर्विसेज की तैयारी के साथ-साथ अलग-अलग सब्जेक्ट की किताबें मिलेगी।

समय-समय पर यहां सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार के पास 148 करोड़ के बजट का प्रावधान है। नया रायपुर में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू करने की दिशा में काम अब होगा।

  • गौ अभयारण्य योजना

गौवंश अभयारण्य योजना राज्य में पशुधन विकास विभाग, पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग को एक साथ मिलाकर गौवंश अभयारण्य योजना का जिम्मा दिया जा रहा है। इस योजना के लागू होने पर सड़कों पर भूखे-प्यासे भटकने वाले मवेशियों को चारा मिलेगा। चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की वजह से सड़क हादसे का खतरा है। ट्रैफिक जाम के भी हालात बनते हैं। भूख से बेहाल मवेशी कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक खाने से बीमार पड़ रहे हैं। उनकी मौत हो रही है। इस वजह से प्रदेश में गौ अभयारण्य बने

  • महतारी सदन बनेंगे

प्रदेश के 146 ब्लॉक में 10 महतारी सदन बनाए जाएंगे। इस तरह विभाग पहले 1460 सदन बनाने पर काम कर रहा है। पांच साल में सरकार सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन बनाएगी। विभाग ने महतारी सदन का ड्राइंग डिजाइन भी तैयार कर लिया है। चूंकि महिलाओं के लिए समूह में या व्यक्तिगत तौर पर काम करने की कोई जगह नहीं है।

इसी को ध्यान में रखकर महतारी सदन बनाया जा रहा है। इसमें एक किचन और एक स्टोर भी बनाया जाएगा। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बाउंड्री वॉल और 25 लाख की लागत से एक सामुदायिक शौचालय बनेगा।

  • IT में खर्च होंगे 266 करोड़

साय सरकार अब सभी विभागों में IT का इस्तेमाल करेगी। इसके लिए 266 करोड़ खर्च करने की तैयारी है। योजनाओं की मॉनिटरिंग से लेकर वित्तीय प्रबंधन करों की वसूली, भूमि संबंधी रिकार्ड के पंजीयन के काम डिजिटल तरीके से होंगे। मकसद इन क्षेत्रों में रिश्वतखोरी रोकना भी है। रायपुर-भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों के स्टेट कैपिटल के रूप में विकसित कर विश्व स्तरीय आईटी सेक्टर तैयार करने का लक्ष्य है।

  • स्टार्टअप्स को मिलेगा मौका

नवा रायपुर अटल नगर में “लाईवलीहुड सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस” और दुर्ग जिले में “सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप” स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए इन्यूबेशन सेंटर की स्थापना, बी.पी.ओ. और के.पी.ओ. को आकर्षित करने के लिए आईटी पार्क की स्थापना की भी योजना है। नवा रायपुर में आई.टी. आधारित रोजगार सृजन के लिए ‘प्लग एण्ड प्ले’ मॉडल का विकास किया जाएगा।

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